बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो) जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न निर्माण कार्यों एवं शैक्षिक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के भवन एवं शौचालय निर्माण, मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों की स्थिति, अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण, मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना के क्रियान्वयन सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के 05 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं के शैक्षिक उन्नयन हेतु प्रति विद्यालय ₹1.72 लाख की धनराशि आईआईटी कानपुर शैक्षिक भ्रमण के लिए शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण से छात्राओं में जिज्ञासा-आधारित अधिगम, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा नवाचार की भावना विकसित होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि यह भ्रमण कार्यक्रम 15 फरवरी से 25 फरवरी के मध्य अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। साथ ही, लग्जरी बस व्यवस्था, छात्राओं के साथ तैनात होमगार्ड, आवास, नाश्ता एवं भोजन सहित समस्त व्यवस्थाओं की विस्तृत कार्ययोजना तत्काल तैयार करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि मध्याह्न भोजन योजना के अंतर्गत आवंटित एवं शेष धनराशि का विवरण अगले दिन तक उपलब्ध कराया जाए। इसके अतिरिक्त, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को शासन द्वारा नामित 146 अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों का ऑडिट कर प्रधानाध्यापक, अध्यापक एवं छात्र संख्या से संबंधित विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने परिषदीय विद्यालयों में स्वीकृत 21 दिव्यांगजन-सुलभ शौचालय, 10 अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, 07 प्राथमिक विद्यालयों के पुनर्निर्माण, 01 उच्च प्राथमिक विद्यालय के पुनर्निर्माण, मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में स्वीकृत 04 कंप्यूटर लैब, 01 टॉयलेट ब्लॉक, वॉलीबॉल ग्राउंड एवं बैडमिंटन कोर्ट के निर्माण कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने कार्यदाई संस्था द्वारा धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि संबंधित संस्था के विरुद्ध शिथिलता संबंधी पत्राचार तत्काल किया जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षा समिति के अंतर्गत संचालित सभी निर्माण कार्य मार्च 2026 तक पूर्ण किए जाएं। कार्यों की प्रगति धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए तथा साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने फिनिशिंग, पेंटिंग एवं गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी निर्माण कार्य एकरूपता एवं निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में सम्मिलित है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिस प्रकार स्मार्ट सिटी एवं स्मार्ट विलेज की अवधारणा पर कार्य किया जा रहा है, उसी प्रकार स्मार्ट स्कूलों के विकास पर भी विशेष ध्यान देना आवश्यक है। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है, जिसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करना होगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामकृपाल चौधरी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

