कन्नौज: सामुदायिक रेडियो मंच पर सीडीओ ने बतायीं जिले की खूबियाँ

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। जिले के किसानों, युवाओं, आम जनता और इत्र व्यापारियों के हितों पर केंद्रित विस्तृत सामुदायिक रेडियो मंच पर आयोजित “एक मुलाकात” कार्यक्रम में जनपद के मुख्य विकास अधिकारी राम कृपाल चौधरी ने विकास योजनाओं, प्रशासनिक प्राथमिकताओं और स्थानीय उद्योगों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। 

कार्यक्रम का उद्देश्य कन्नौज के किसानों, युवाओं, आम नागरिकों तथा इत्र व्यापार से जुड़े उद्यमियों तक सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी सीधे और स्पष्ट रूप से पहुँचाना रहा।

संवाद की शुरुआत कन्नौज की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के उल्लेख से हुई। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि कन्नौज केवल एक ऐतिहासिक नगर ही नहीं, बल्कि देश-विदेश में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाली “इत्र नगरी” है। इसकी समृद्ध परंपरा और कारीगरों की मेहनत जनपद की असली शक्ति है। उन्होंने इस विरासत को आधुनिक विकास से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

कृषि क्षेत्र पर चर्चा करते हुए उन्होंने किसानों के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं, तकनीकी उन्नयन, कृषि आधारित आजीविका के सशक्तिकरण तथा आय वृद्धि के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो।

इत्र उद्योग के संदर्भ में उन्होंने बताया कि कन्नौज का पारंपरिक इत्र निर्माण कार्य अब व्यापक पहचान प्राप्त कर रहा है। विशेष रूप से वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना में इत्र को शामिल किए जाने से स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों को विपणन, ब्रांडिंग और निर्यात के नए अवसर मिल रहे हैं। इससे न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि कन्नौज की वैश्विक पहचान भी और सुदृढ़ होगी।

कार्यक्रम के दौरान श्री चौधरी ने कहा, “कन्नौज की पहचान उसकी ऐतिहासिक धरोहर, किसानों की मेहनत और इत्र उद्योग की खुशबू से है। प्रशासन प्रतिबद्ध है कि हर सरकारी योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और जनपद समग्र विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़े।”

यह कार्यक्रम प्रशासन और जनता के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम साबित हुआ। सामुदायिक रेडियो के जरिए सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी सीधे जनसामान्य तक पहुँची, जिससे पारदर्शिता, जनभागीदारी और विश्वास को बल मिला।