फर्रुखाबाद।।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। नेशनल हेल्थ मिशन एनएचएम के तहत यूपी में चल रहीं ’संपूर्ण क्लीनिक’ को जारी रखने की केंद्र से मंजूरी न मिलने से इस योजना में लगे कर्मचारी की छटनी होने के प्रबल आसार बन गए हैं। योजना का बजट भी नहीं आया है। यहां तक कि अस्पतालों में तैनात कर्मचारियों को 1 अप्रैल से काम पर न आने को कह दिया गया है।
वहीं दूसरी ओर जो कर्मचारी पिछले तीन से चार महीने का बकाया वेतन की मांग करते हुए अब भी अस्पताल आ रहे हैं, उनसे काम तो करवाया जा रहा है पर रजिस्टर पर उन्हें अटेंडेंस नहीं लगाने दिया जा रहा है।
सूत्रों की मानें तो पूरे प्रदेश में संपूर्ण क्लिनिक योजना को बंद करने के साथ ही इसके लिए नियुक्त संवित कर्मचारियों की छंटनी होने लगी है। एनएचएम कर्मचारी संघ ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। हालांकि, एनएचएम के बड़े अधिकारी इस मामले में मौन धारण किये हुए हैं।
बताते चलें कि प्रदेश में साल 2018 में एनएचएम के तहत संपूर्ण क्लिनिक शुरू करने का फैसला किया गया था। इसके तहत महिलाओं में कैसर, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, मोटापा समेत लाइफ स्टाइल से जुड़ी बीमारियों की पहचान की जाती थी। हर क्लिनिक पर एक डॉक्टर, एक स्टाफ नर्स एक काउंसलर और एक सपोर्ट स्टाफ की तैनाती की गई थी। इन क्लिनिकों में डॉक्टर से लेकर सपेर्ट स्टाफ तक महिलाएं ही होती हैं, ताकि यहां आने वाली महिलाएं बिना झिझक अपनी समस्या बता सकें। और नियमित फॉलो अप हो सके। हालांकि, एप्लाएचएम की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जीवाल की तरफ से 28 जिलों के सीएमओ की भेजे गए पत्र के बाद इस योजना के अस्तित्व पर ही सवाल खड़ा हो गया है।
निदेशक डॉ पिंकी जोयल के इस पत्र के मुताबिक संपूर्ण क्लिनिक के लिए वित्तीय वर्ष 2019-20 के बाद से भेजे गए प्रस्ताव पर शासन की मंजूरी ही नहीं आई है। फिर योजना के तहत संविदा पर नियुक्त डॉक्टर और कर्मचारियों से क्यों काम लिया जा रहा?आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज, नगर, अमेठी, अमरोहा, औरैय बाराबंकी, बस्ती, एटा, अयोध्या, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हरदोई, कानपुर नगर, ललितपुर, महाराजगंज, मैनपुरी, मथुरा, संतकबीर नगर, शामली में योजना चल रही थी। लोहिया अस्पताल के चिकित्सक कर्मचारी इस बात को लेकर परेशान है लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है।
एनएचएम के तहत यूपी में चल रहीं ’संपूर्ण क्लीनिक’ के स्वास्थ्य कर्मियों पर लटकी छंटनी की तलवार

