कन्नौज : अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर डीएम ने किया कई श्रमिको का सम्मान

श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने दी विभिन्न योजनाओं की जानकारी

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो)।  अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में उपायुक्त उद्योग कार्यालय परिसर में श्रम विभाग द्वारा गोष्ठी एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याणार्थ संचालित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करना था। इस दौरान लखनऊ से मुख्यमंत्री का लाइव प्रसारण देखा एवं सुना गया।

इस अवसर पर मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के अंतर्गत जगत सिंह पुत्र राजकुमार एवं गोल्डी पत्नी अमित कुमार तथा कन्या विवाह सहायता योजना के अंतर्गत नंदराम पुत्र अंगने एवं रमेश पुत्र मुरली को धनराशि प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही ओडीओपी टूल किट योजना के अंतर्गत इत्र ट्रेड से संबंधित टूल किट रितिक मिश्रा पुत्र पंकज कुमार, इजहार अहमद पुत्र अब्दुल रशीद अहमद तथा अगरबत्ती/धूपबत्ती ट्रेड से संबंधित टूल किट अमरेश पुत्र रामदास एवं मिलन पांडे पुत्र तरुण कुमार को वितरित किया गया।

अपने संबोधन में जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने बुद्ध पूर्णिमा एवं अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “श्रमिक समाज की वास्तविक शक्ति हैं, जिनके श्रम, समर्पण और ईमानदारी से राष्ट्र की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है। शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र श्रमिक तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुँचे।” उन्होंने कहा कि जिन श्रमिकों का अभी पंजीकरण नहीं हुआ है, वे शीघ्र पंजीकरण कराएं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम स्तर तक विशेष जागरूकता अभियान एवं शिविर आयोजित कर अधिकतम श्रमिकों को योजनाओं से जोड़ा जाए।

भाजपा जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया ने कहा कि “श्रमिकों के परिश्रम से ही देश में विकास की इमारत खड़ी होती है। आज का दिन उनके सम्मान का दिन है।” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा श्रमिकों के हित में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं, जिनमें पंजीकृत श्रमिकों के लिए 5 लाख तक का बीमा सुरक्षा भी शामिल है। उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि वे योजनाओं का लाभ लेने हेतु आगे आएं और पंजीकरण अवश्य कराएं।

श्रम प्रवर्तन अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव ने कन्या विवाह सहायता योजना की जानकारी देते हुए बताया कि 365 दिन की सदस्यता पूर्ण कर चुके पंजीकृत निर्माण श्रमिक अपनी पुत्री के विवाह हेतु ₹65,000 की सहायता के पात्र हैं, जो अधिकतम दो पुत्रियों तक सीमित है। 

मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के अंतर्गत प्रथम दो प्रसवों तक लाभ देय है, जिसमें शिशु पुत्र को ₹26000, पुत्री को ₹31000 का लाभ मिलेगा। आवश्यक अभिलेखों में पंजीयन, संस्थागत प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, आधार एवं बैंक विवरण सम्मिलित हैं। निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यागता सहायता योजना के अंतर्गत निर्माण श्रमिक की सामान्य मृत्यु होने की दशा में 225000 एवं दुर्घटना में मृत्यु की स्थिति में 525000 रुपए निर्माण श्रमिकों के आश्रितों को दिए जाने का प्रावधान है।

उन्होंने प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना की जानकारी देते हुए बताया कि 18 से 40 वर्ष आयु एवं ₹15,000 तक मासिक आय वाले असंगठित श्रमिक ₹55 से ₹200 मासिक अंशदान कर योजना से जुड़ सकते हैं, जिसमें केंद्र सरकार बराबर योगदान करती है तथा 60 वर्ष की आयु के बाद न्यूनतम ₹3,000 प्रतिमाह पेंशन देय है। लाभार्थी की मृत्यु पर जीवनसाथी को ₹1,500 प्रतिमाह पेंशन मिलेगी।

श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने श्रमिकों से अपील की कि वे आधार कार्ड, बैंक खाता एवं  के साथ नजदीकी जनसेवा केंद्र/श्रम कार्यालय में पंजीकरण कराकर योजनाओं का लाभ अवश्य प्राप्त करें।

इस अवसर पर प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी नरेंद्र देव द्विवेदी, मंत्री जी के प्रतिनिधि राम सेवक कठेरिया, उपायुक्त उद्योग प्रेमकांत, उद्यमी अभिनव गुप्ता सहित संबंधित अधिकारीगण एवं श्रमिक उपस्थित रहे।