युवाओं ने प्रस्तुत किए आकर्षक वैज्ञानिक मॉडल
बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर दिनांक 11 मई 2026 को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत मेरा युवा भारत, कन्नौज द्वारा सिटी मोंटेससोरी स्कूल गुरसहायगंज में विज्ञान प्रदर्शनी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में विज्ञान, तकनीकी एवं नवाचार के प्रति रुचि विकसित करना तथा उन्हें विकसित भारत 2047 के संकल्प से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला युवा अधिकारी सागर महेश्वरी, संस्थान निदेशक अरुण त्रिपाठी एवं विद्यालय प्रधानाचार्य सुभाष शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में उपस्थित अतिथियों ने युवाओं को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए विज्ञान एवं तकनीकी के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं युवा प्रतिभागियों द्वारा विज्ञान के विभिन्न विषयों पर आकर्षक एवं नवाचारी मॉडल प्रस्तुत किए गए। प्रदर्शनी में मुख्य रूप से वाटर रीसाइक्लिंग सिस्टम, स्मार्ट पार्किंग मॉडल, वाटर फिल्ट्रेशन तकनीक, सोलर पैनल ऊर्जा संरक्षण मॉडल, पर्यावरण संरक्षण आधारित वैज्ञानिक अवधारणाएँ एवं दैनिक जीवन में विज्ञान के उपयोग से संबंधित अनेक मॉडलों का प्रदर्शन किया गया। प्रतिभागियों ने अपने मॉडलों के माध्यम से विज्ञान को समाज एवं राष्ट्रहित से जोड़ने का सराहनीय प्रयास किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान निदेशक अरुण त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान समय विज्ञान एवं तकनीकी का युग है और आने वाला भविष्य उन्हीं युवाओं का होगा जो नवाचार एवं वैज्ञानिक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि विज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह जीवन की प्रत्येक समस्या का समाधान खोजने का माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से नई तकनीकों को सीखने, प्रयोग करने तथा अपने विचारों को नवाचार में बदलने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने महान वैज्ञानिकों के योगदान का उल्लेख करते हुए युवाओं को अनुसंधान एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।
वहीं जिला युवा अधिकारी सागर महेश्वरी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों एवं आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक, रोबोटिक्स एवं आधुनिक विज्ञान में हो रहे तीव्र परिवर्तनों की जानकारी देते हुए कहा कि आज का युवा यदि विज्ञान एवं तकनीकी के क्षेत्र में दक्ष होगा तो वह राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेगा। उन्होंने विकसित भारत 2047 के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनाने में युवाओं की वैज्ञानिक सोच, नवाचार क्षमता एवं तकनीकी दक्षता सबसे बड़ी शक्ति सिद्ध होगी। उन्होंने युवाओं से मोबाइल एवं इंटरनेट का उपयोग केवल मनोरंजन तक सीमित न रखते हुए उसे शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार के माध्यम के रूप में अपनाने की अपील की।
विज्ञान प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में कौशिकी ने प्रथम स्थान, हाशिम ने द्वितीय स्थान तथा कमरान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को मोमेंटो, प्रमाण पत्र एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की प्रेरणादायी पुस्तक “विंग्स आफ फायर” भेंट स्वरूप प्रदान की गई।
कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मीबाई महिला मंडल की अध्यक्ष गरिमा कुशवाहा, सचिव शालिनी, मंडल सदस्य रिया, संध्या एवं अंजलि द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में चक्रेश पांडेय, दीपक कुमार एवं विद्यालय परिवार के समस्त शिक्षकगणों का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने विज्ञान एवं तकनीकी को समाजहित एवं राष्ट्रहित से जोड़ते हुए विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया।

