– ठठिया के सिमुआपुर गांव में मन्नालाल कश्यप के घर चल रहा था धार्मिक आयोजन
बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। ठठिया थाना क्षेत्र के ग्राम सिमुआपुर में एक धार्मिक आयोजन के दौरान बांटे गए प्रसाद को खाने से करीब 40 से 50 लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। प्रसाद ग्रहण करने के कुछ ही देर बाद महिलाओं, बच्चों और पुरुषों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। देखते ही देखते पूरे गांव में हड़कंप मच गया। सभी बीमार लोगों को आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनका इलाज कर रही है।
ठठिया थाना क्षेत्र के ग्राम सिमुआपुर में एक धार्मिक आयोजन के दौरान बांटे गए प्रसाद को खाने से करीब 40 से 50 लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। प्रसाद ग्रहण करने के कुछ ही देर बाद महिलाओं, बच्चों और पुरुषों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। देखते ही देखते पूरे गांव में हड़कंप मच गया। सभी बीमार लोगों को आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनका इलाज कर रही है।
धार्मिक अनुष्ठान के बाद बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, सिमुआपुर गांव निवासी मन्नालाल कश्यप के घर पर सत्यनारायण कथा का आयोजन किया गया था। इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार शामिल हुए थे। देर शाम कथा के समापन के बाद वहां मौजूद सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया।
घरों में मची चीख-पुकार, एम्बुलेंस से भागे ग्रामीण
अस्पताल में भर्ती ग्रामीणों ने बताया कि प्रसाद खाने के करीब एक से दो घंटे बाद लोगों को पेट में दर्द, जी मिचलाने और तेज उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। शुरुआत में एक-दो बच्चों को उल्टी हुई, लेकिन देखते ही देखते बीमारों की संख्या बढ़ने लगी और घरों में चीख-पुकार मच गई। करीब आधा सैकड़ा लोगों को अपनी चपेट में लेता देख ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना एंबुलेंस और स्थानीय प्रशासन को दी। निजी वाहनों और सरकारी एंबुलेंस की मदद से सभी मरीजों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
स्थिति नियंत्रण में, जांच में जुटा प्रशासन
चिकित्सकों के अनुसार, शुरुआती जांच और लक्षणों को देखते हुए मामला पूरी तरह फूड प्वाइजनिंग का लग रहा है। फिलहाल सभी मरीजों को ड्रिप और आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अधिकांश मरीजों की हालत स्थिर बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर, स्थानीय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है कि प्रसाद बनाने में किस दूषित सामग्री का उपयोग हुआ था।
अस्पताल में अलर्ट: डॉक्टरों की अतिरिक्त टीम तैनात
आपातकालीन स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल प्रशासन ने तुरंत अतिरिक्त डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को काम पर लगा दिया है। अस्पताल में भर्ती मरीजों में बच्चों और महिलाओं की संख्या अधिक बनाई जाती है।

