कन्नौज: विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नही, लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करें : डीएम

मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, गौसंरक्षण, पशुपालन एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की हुई गहन समीक्षा

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में मनरेगा, अन्नपूर्णा भवन, पशुपालन, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), गौसंरक्षण एवं अन्य विकासपरक योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की उपलब्धियों एवं प्रगति की बिंदुवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में व्यक्तिगत पारिवारिक शौचालय निर्माण हेतु जनपद को 5820 शौचालयों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके सापेक्ष अब तक 1540 स्वीकृतियां प्रदान की जा चुकी हैं। प्रत्येक शौचालय निर्माण हेतु ₹12,000 की प्रोत्साहन राशि निर्धारित है, जिसमें केंद्रांश ₹7,200 (60 प्रतिशत) तथा राज्यांश ₹4,800 (40 प्रतिशत) शामिल है। यह धनराशि लाभार्थियों को दो समान किश्तों में ₹6,000-₹6,000 की दर से प्रदान की जाती है।

उन्होंने बताया कि उक्त योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के सभी परिवारों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग, लघु एवं सीमान्त कृषकों, वासभूमि सहित भूमिहीन मजदूरों, दिव्यांगजन तथा महिला मुखिया वाले परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ प्रदान किया जाता है। पात्र लाभार्थी स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के नागरिक पोर्टल पर निःशुल्क ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि शेष लगभग 4000 व्यक्तिगत पारिवारिक शौचालयों के निर्माण लक्ष्य को शीघ्र पूर्ण करने के लिए पात्र आवेदकों का पंजीकरण अभियान चलाया जाए तथा पात्रता के अनुरूप लाभ प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शौचालय का निर्माण स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप कराया जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं गरिमामय जीवन की अवधारणा को और अधिक मजबूती मिल सके। साथ ही निर्माण कार्यों का नियमित सत्यापन एवं गुणवत्ता परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजना का उद्देश्य शत-प्रतिशत सफल हो सके।

जिलाधिकारी ने जनशिकायतों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सभी अधिकारी नियमित रूप से आईजीआरएस पोर्टल का अवलोकन करें तथा प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त होने वाले मांगपत्रों एवं आवेदनों का विधिवत अभिलेखीकरण किया जाए, ताकि बजट उपलब्ध होते ही पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ प्रदान किया जा सके। प्रशासन की विश्वसनीयता एवं जनविश्वास को बनाए रखना प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है।

गौसंरक्षण एवं गोआश्रय स्थलों की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि जनपद के 120 गोआश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे संचालित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद की सभी 138 गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे शत-प्रतिशत क्रियाशील रहें तथा प्रत्येक कैमरे को कंट्रोल रूम से जोड़ा जाए। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि गोआश्रय स्थलों में भूसा एवं चारे की उपलब्धता का नियमित सत्यापन कराया जाए तथा दान एवं क्रय किए गए भूसे के स्टॉक रजिस्टरों का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने सड़कों पर निराश्रित गोवंशों की उपस्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्थिति किसी भी दशा में स्वीकार्य नहीं है। संबंधित अधिकारी अभियान चलाकर गोवंशों को सुरक्षित रूप से गोआश्रय स्थलों तक पहुंचाएं। उन्होंने हरे चारे की बुवाई से संबंधित कार्यों का फोटोग्राफ एवं जियो-टैगिंग के माध्यम से सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देशित किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ करें, जिससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंच सके। उन्होंने प्रत्येक विकासखंड स्तर पर नियमित अंतरविभागीय गोष्ठियों के आयोजन के निर्देश दिए, जिनमें विकास, शिक्षा, गौसंरक्षण, आपदा प्रबंधन, विद्युत, पेयजल, स्वच्छता एवं अन्य जनहितकारी विषयों पर विस्तृत चर्चा हो तथा स्थानीय स्तर पर जनता की अपेक्षाओं एवं समस्याओं की जानकारी प्राप्त कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास, उपजिलाधिकारी सदर सुश्री वैशाली, परियोजना निदेशक डीआरडीए रामऔतार सिंह, उपायुक्त मनरेगा दिनेश यादव, उप कृषि निदेशक संतोष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी  राजेंद्र प्रकाश सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।