कन्नौज: निर्धारित स्थान पर रुकने की व्यवस्था रद्द हुई तो तख्त डालकर सड़क पर ही बैठ गए शंकराचार्य

ब्रजेश चतुर्वेदी

कन्नौज।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो )। गाय को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर यात्रा पर निकले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बुधवार को प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। निर्धारित स्थल पर रात्रि विश्राम की व्यवस्था निरस्त होने के बाद उन्होंने शहर के पाल चौराहे पर रात बिताने की घोषणा की। उन्होंने दावा किया कि प्रशासनिक हस्तक्षेप के कारण उनके ठहरने की व्यवस्था प्रभावित की गई।

कन्नौज के तिर्वा विधानसभा क्षेत्र में बुधवार दोपहर आयोजित कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का काफिला शहर की ओर रवाना हुआ। बाईपास स्थित पाल चौराहे पर समर्थकों को संबोधित करने के बाद उनके रात्रि विश्राम की व्यवस्था छिबरामऊ क्षेत्र के एक स्कूल परिसर में की गई थी। हालांकि अंतिम समय में यह कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया।

चौराहे पर तख्त लगाकर बैठे

स्कूल प्रबंधन का कहना है कि शंकराचार्य के पहुंचने से कुछ समय पहले प्रशासन की ओर से हस्तक्षेप हुआ था। इसके बाद तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

रात्रि विश्राम की व्यवस्था निरस्त होने की सूचना मिलने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पाल चौराहे पर स्थित एक खाली स्थान पर तख्त लगाकर बैठ गए। उन्होंने रात उसी स्थान पर बिताने की घोषणा की।

कार्यक्रम पूर्व निर्धारित समय के अनुसार

स्थानीय पत्रकारों से बात करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार को सत्ता में आए 9 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अब तक गाय को राष्ट्र माता का दर्जा नहीं दिलाया जा सका। उन्होंने कहा कि गाय के सम्मान, संरक्षण और संवर्धन के लिए ही वह जनजागरण यात्रा पर निकले हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी यात्रा और कार्यक्रमों को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। स्वामी ने कहा कि जब उन्हें पता चला कि पाल चौराहे के पास की खाली भूमि सरकारी है, तो उन्होंने वहीं रुकने का निर्णय लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरुवार को उनके सभी कार्यक्रम पूर्व निर्धारित समय के अनुसार संपन्न होंगे।

वहीं विभिन्न राजनीतिक दलों के स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। समाजवादी पार्टी के यश दोहरे और राजू यादव, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय मिश्रा, कांग्रेस नेता विवेक नारायण मिश्रा सहित कई लोग वहां मौजूद रहे।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर  जिला प्रशासन के एक ज़िम्मेदार अधिकारी ने बताया कि उनके आरोप निराधार है। संतों का सम्मान करना प्रशासन का पहला प्रयास है। उन्हें किसी ने नहीं रोका।