अमर शहीद मणीन्द्र नाथ बनर्जी की पुण्यतिथि: केंद्रीय कारागार में मनाया गया श्रद्धांजलि समारोह

फर्रूखाबाद।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो )।   केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ में अमर शहीद मणीन्द्र नाथ बनर्जी की 93वीं पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कारागार परिसर स्थित शहीद मणीन्द्र नाथ बनर्जी स्मारक स्थल को विशेष रूप से सजाया गया तथा उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत कारागार बैंड द्वारा शहीद को सलामी दी गई।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक आशीष तिवारी ने स्मारक भवन में दीप प्रज्ज्वलित कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्घाटन किया। इस दौरान बंदियों द्वारा देशभक्ति गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें उपस्थित अधिकारियों और बंदियों ने सराहा। वक्ताओं ने शहीद मणीन्द्र नाथ बनर्जी के जीवन संघर्ष, देशभक्ति और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। वरिष्ठ जेल अधीक्षक आशीष तिवारी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का त्याग और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने शहीद मणीन्द्र नाथ बनर्जी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके बलिदान को नमन किया। कारागार के बाहर आयोजित कार्यक्रम में करुणेन्द्र कुमार यादव कारापाल, रवीन्द्र सिंह कारापाल, सुधाकर राव गौतम उपकारापाल, कृष्ण कुमार उपकारापाल, दीपक कुमार जयंत उपकारापाल आदि रहे।
कारागार की चारदीवारी में सिमटा शहीद का कार्यक्रम
दरअसल पूर्व के वर्षाे में शहीद मणीन्द्र नाथ बनर्जी की पुण्य तिथि बहुत ही धूमधाम के साथ मनाई जाती थी, लेकिन विगत कुछ वर्षाे से कार्यक्रम को कारागार की सीमा में कैद कर दिया गया द्य विभागीय कर्मियों के साथ ही इस कार्यक्रम की औपचारिकता की जाती है जबकि पूर्व में 20 जून को विभागीय अधिकारियो के साथ ही जनपद व जनपद के बाहर से लोगों को व स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े क्रन्तिकारियों के वंशजो को बुलाया जाता था। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी क्रन्तिकारी प. राम नारायण आजाद के पौत्र बॉबी दुबे नें बताया की जिस तरह से जेल में स्थापित शहीद बनर्जी की प्रतिमा को सम्मान नही मिल रहा है, केबल सरकारी आयोजनों को छोड़ कर शहीद के स्मारक पर साफ-सफाई तक नही होती और उनके स्मारक में ताला डालकर विभाग खेती करा रहा है। शहीद ताले में बंद करने के लिये नही हुए थे। इस संबंध में जल्द आलाधिकारीयों व कारागार मंत्री से वार्ता की जायेगी।