भरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर निकला बाइक जुलूस, डीएम को सौंपा ज्ञापन

फर्रूखाबाद।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो )। बिहार के आरा जनपद के बिलौटी गांव निवासी समाजसेवी भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस कार्रवाई में हुई मौत के विरोध में बुधवार को रोडवेज बस अड्डे के पास स्थित सेल्फी प्वाइंट से शुरू हुआ जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। जुलूस में शामिल लोग हाथों में भरत तिवारी के चित्र लेकर “भरत तिवारी अमर रहें”, “भरत के हत्यारों को फांसी दो”, “जब तक सूरज चांद रहेगा, भरत तिवारी का नाम रहेगा” और “भारत माता की जय” के नारे लगाते हुए चल रहे थे। बड़ी संख्या में मोटरसाइकिलों और चार पहिया वाहनों के साथ निकले प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। कलेक्ट्रेट में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए फर्रूखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने कहा कि भरत तिवारी एक निडर समाजसेवी थे, जिन्होंने समाजहित के लिए संघर्ष करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि केवल कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मी ही नहीं, बल्कि इस घटना के पीछे शामिल सभी लोगों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की। करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह राठौर ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग उठाते हुए कहा कि भरत तिवारी की लोकप्रियता कुछ लोगों को स्वीकार नहीं थी। अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिला महामंत्री कोमल पांडे ने भरत तिवारी के गांव का नाम बदलकर ‘भरत नगर’ अथवा ‘भरतपुर’ रखने की मांग की। पूर्व प्रधान हेमंत शाक्य ने कहा कि इस मामले को जातीय नजरिए से देखना गलत है, जबकि पाल समाज के नेता जयदेव पाल ने भरत तिवारी को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। सभा को सभासद अनिल तिवारी, किसान नेता गुड्डू राजपूत और स्वामी उमेश आनंद भारती महाराज आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम में अनूप तिवारी, निशित दुबे, रामवीर शुक्ला, अनूप प्रधान, रामबरन शाक्य, पिंटू दुबे, सनी बाथम, रजत वर्मा, हरिओम दुबे, डॉ. नावेद अंसारी, अभिषेक दुबे, विपिन अवस्थी, विष्णु मिश्रा, राजन दीक्षित, आकाश चतुर्वेदी, राहुल तोमर, सुधीर यादव, कुलदीप अवस्थी आदि रहे।