फतेहगढ रेलवे स्टेशन रोड का अतिक्रमण बचाने में लगे हुए हैं अधिशासी अभियंता : समीर यादव

फर्रूखाबाद।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो )। नगलादीना फतेहगढ निवासी समीर यादव के फतेहगढ रेल्वे स्टेशन रोड के राजस्व कर्मियों द्वारा चिन्हित अतिक्रमण को हटाए जाने की कार्यवाही को अंतिम रूप देने के दिनांक 20-06-2026 की संपूर्ण समाधान दिवस की शिकायत पर अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग फतेहगढ़ द्वारा लगाई गई आख्या में कहा गया है कि 25 जून को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। अधिशासी अभियंता द्वारा उपरोक्त संपूर्ण समाधान दिवस की शिकायत पर इतनी जल्दी आख्या लगाने से स्पष्ट होता है कि वे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ना करके शिकायत का निस्तारण करना चाहते हैं नहीं तो उनके द्वारा अतिक्रमण हटाने के बाद आख्या लगाई जा सकती थी। 25 जून को भी मात्र औपचारिकता पूर्ण करने के लिए फतेहगढ रेल्वे स्टेशन रोड पर अधिकारी व कर्मचारी बुलडोजर के साथ गए। कुछ देर रुककर वापस चले गए। उनके द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही नहीं की गई। बुलडोजर देखकर कुछ अतिक्रमण कर्ताओं द्वारा स्वयं अपना अतिक्रमण हटाने का कार्य शुरू कर दिया। सत्यमोहन पांडे और संतोष गुप्ता जिनकी पूरी पूरी दुकान ही अतिक्रमण की ज़द मे है के द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। इसी तरह से लगातार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अधिशासी अभियंता द्वारा टाला जा रहा है।
इससे पूर्व भी माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के द्वारा अतिक्रमण हटाने के शिकायती पत्र पर जिलाधिकारी फर्रुखाबाद को जांच करवा कर शीघ्र प्रभावी कार्यवाही करने के आदेश दिए गए थे। जिलाधिकारी द्वारा अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग फतेहगढ को कार्यवाही के आदेश दिए गए थे, जिस पर एक महीने से भी ज्यादा समय बाद अधिशासी अभियंता द्वारा प्रकरण उच्च न्यायालय में लंबित होने न्यायालय के अंतिम आदेश के बाद कार्यवाही किए जाने की फर्जी आख्या लगाई गई है। प्रकरण न्यायालय में लंबित होने से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने मे कोई विधिक अड़चन नहीं होती है जब तक न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश ना पारित किया गया हो। अधिशासी अभियंता से इस संबंध में बात करने पर उनके द्वारा स्वीकार किया गया कि प्रकरण उच्च न्यायालय मे लंबित नहीं है और फिर इस अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के संदर्भ में जिला शासकीय अधिवक्ता से मांगी गई विधिक राय में उनके द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने की विधिक राय दी गई और यह भी कहा गया है कि अतिक्रमण हटाने में कोई विधिक अड़चन नहीं है इसके बाद भी इस तरह की फर्जी आख्या लगाने से स्पष्ट है कि अधिशासी अभियंता अतिक्रमण कर्ताओं से मिले हुए हैं और वह उनका अतिक्रमण बचाने में लगे हुए हैं और कोई ना कोई त्रुटि करके उनको लाभ दिलाने की कोशिश में निरंतर कार्य कर रहे हैं। समीर यादव ने शासन प्रशासन से हस्तक्षेप कर सरकारी सड़क की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्यवाही करने के बाद इस शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किए जाने की मांग की है। वहीं समाचार लिखे तक सत्यमोहन पांडे ने दुकान के शीशे निकलवा लिए हैं और बिजली का मीटर भी हटा लिया है।