यूपी में पूर्व एआरटीओ के घर छापा: दीवारों में छिपाया था कैश; करोड़ों के जेवर भी मिले

लखनऊ। (आवाज न्यूज़ ब्यूरो)। आगरा के तत्कालीन सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ललित कुमार के ठिकानों पर विजिलेंस के छापों में 35 करोड़ रुपये की काली कमाई का खुलासा हुआ है। छापे में ललित कुमार के राजधानी के अलीगंज स्थित आवास से 1.62 करोड़ रुपये नगद, करीब 20 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के बिस्किट व जेवरात और तमाम संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए गए हैं। डीजीपी राजीव कृष्ण ने टीम में शामिल अधिकारियों व कर्मचारियों को एक लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
आईजी विजिलेंस मंजिल सैनी ने बताया कि मूल रूप से रायबरेली एवं वर्तमान में राजधानी निवासी ललित कुमार के विरुद्ध परिवहन आयुक्त द्वारा वर्ष 2020 में की गई शिकायत के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एसीओ) के कानपुर सेक्टर ने जांच की थी। जांच में ललित कुमार द्वारा आय के सभी वैध स्रोतों से करीब 93 लाख रुपये अर्जित करने, जबकि संपत्तियों को खरीदने एवं भरण पोषण में 1.62 करोड़ रुपये व्यय करने का खुलासा हुआ था। एसीओ ने 11 जून 2024 को कानपुर सेक्टर के थाने में ललित कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जिसकी विवेचना शासन ने विजिलेंस के सुपुर्द कर दी थी। विवेचना में उनकी तमाम अघोषित संपत्तियों की जानकारी मिलने पर छापा मारकर सुबूत जुटाने की योजना बनाई गई और अदालत से सर्च वारंट लेकर मंगलवार को उनके राजधानी स्थित चंद्रलोक कॉलोनी के आवास पर पुलिस बल की मौजूदगी में छानबीन की गई। छापे की कार्रवाई आज सुबह खत्म हो गई।
सोना-चांदी और निवेश के दस्तावेज बरामद
छापेमारी के दौरान ललित कुमार के आवास से कई लॉकर मिले, जिनकी तलाशी में भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के बिस्किट और आभूषण बरामद किए गए। जांच के दौरान घर के विभिन्न स्थानों पर छिपाकर रखी गई 1.62 करोड़ रुपये की नकदी भी मिली। अधिकारियों के अनुसार, बरामद करीब 22 किलोग्राम सोने-चांदी के बिस्किट और आभूषणों का मूल्यांकन 20 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। इसके अलावा 13 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों में निवेश संबंधी दस्तावेज, वाहनों, बैंक जमा, म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट सहित एक करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साक्ष्य भी मिले हैं।