लखनऊ।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि 4,700 करोड़ रुपए की लागत से बना लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उद्घाटन से पहले ही धंस गया। सरकारी कार्यक्रम के अनुसार, 13 जुलाई को 3 बजे केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन उन्नाव से करेंगे। वहीं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक ने दावा किया कि एक्सप्रेसवे कहीं से भी नहीं धंसा है।
एक्सप्रेसवे बेफिक्र सफर के लिए हैं, भगवान का नाम जपने के लिए नहीं
सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि एक्सप्रेसवे इसलिए बनाए जाते हैं कि लोग बेफिक्र होकर तेजी से सफर कर सकें, न कि पूरे रास्ते भगवान का नाम जपते रहें। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में 4,700 करोड़ रुपए की लागत से बना लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उद्घाटन से पहले ही धंस गया, उधर महाराष्ट्र में भाजपा सरकार के दौरान 6,700 करोड़ रुपए की लागत से बना मिसिंग लिंक बदहाल हो गया जिससे वह भाजपा सरकार और भ्रष्टाचारियों के कनेक्टिंग लिंक के रूप में पूरी दुनिया में बदनाम हो गया।
अखिलेश ने उठाए गंभीर सवाल?
यादव ने सवाल किया कि क्या भाजपा शासित राज्यों में महाभ्रष्टाचार की प्रतियोगिता हो रही है? क्या इन दोनों परियोजनाओं का डिजाइन लखनऊ वालों ने तैयार किया है? उन्होंने दावा किया कि दो शहरों के बीच की यात्रा में जितना समय लगेगा, उससे अधिक समय तो एक्सप्रेसवे से शहर में प्रवेश करने में लग जाएगा। जनता पूछ रही है कि यह परियोजना लोगों की सुविधा के लिए बनाई गई है या भाजपा से जुड़े ठेकेदारों को मुनाफा पहुंचाने के लिए? सपा प्रमुख ने कहा कि अगर भ्रष्टाचार की वजह से यही हाल रहा, तो 40 मिनट की यात्रा पर निकलने से पहले यात्री 40 बार सोचेगा। यदि गति सुरक्षित नहीं है, तो उसका कोई अर्थ नहीं है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने एक्सप्रेसवे के धंसने के दावे को खारिज करते हुए कहा कि एक्सप्रेसवे का कोई हिस्सा नहीं धंसा है। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे 14 जुलाई को सुबह 8 बजे से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इसके बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। वर्मा ने कहा कि अगर मैं गलत बोल रहा हूं, तो इसका फैसला आम जनता खुद कर देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर जिस स्थान की तस्वीरें साझा की जा रही हैं, वह एक्सप्रेसवे का मुख्य मार्ग नहीं, बल्कि सड़क किनारे की मिट्टी है। उन्होंने कहा कि यह नियमित रखरखाव का मामला है। वर्मा ने कहा कि इससे एक्सप्रेसवे की संरचनात्मक मजबूती या यातायात सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा है। संबंधित हिस्से की मरम्मत कर दी गई है और उद्घाटन से पहले सभी आवश्यक तकनीकी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे पूरी तरह सुरक्षित है और सभी गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है।
उद्घाटन से पहले ही धंस गया 4,700 करोड़ का एक्सप्रेसवे? अखिलेश के दावे से हड़कंप

