दिल्ली में भारी तनाव: 20 दिन से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस ने उठाकर अस्पताल में कराया भर्ती

नई दिल्ली। (आवाज न्यूज़ ब्यूरो)। देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से आमरण अनशन (भूख हड़ताल) पर बैठे लद्दाख के मशहूर पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को लेकर आज सुबह एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दिल्ली पुलिस अचानक वांगचुक को विरोध स्थल से उठाकर अस्पताल ले गई जहां उन्हें भर्ती कराया गया है।
वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के तुरंत बाद जंतर-मंतर पर भारी संख्या में दिल्ली पुलिस के जवानों और सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है। यह पूरी कार्रवाई सोनम वांगचुक और उनके समर्थकों द्वारा 20 जुलाई 2026 को संसद भवन तक किए जाने वाले प्रस्तावित मार्च से ठीक दो दिन पहले हुई है जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। उनकी हालत और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की परिस्थितियों के बारे में और जानकारी का इंतज़ार है। इस बीच शुक्रवार देर रात कॉकरोच जनता पार्टी (ब्श्रच्) के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर विरोध स्थल पर वांगचुक पर हमला किया गया। शुक्रवार को उनके स्वास्थ्य के आंकड़ों से पता चला कि उनका वज़न 56.55 किलोग्राम था जो 24 घंटों में 350 ग्राम कम हुआ था। दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के डॉ. सतीश लांबा के अनुसार, उनका ब्लड प्रेशर 108/68, ब्लड शुगर 70 एमजी/डीएल और पल्स रेट 72 प्रति मिनट दर्ज किया गया। शुक्रवार को कई विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर पर वांगचुक से मुलाकात की और उनके प्रति एकजुटता ज़ाहिर करते हुए उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। उनसे मिलने वालों में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, शरदचंद्र पवार की सांसद सुप्रिया सुले, सपा सांसद डिंपल यादव, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और शिवसेना (न्ठज्) के विधायक आदित्य ठाकरे शामिल थे।
यूबीटी सेना के नेता उद्धव ठाकरे ने वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर केंद्र की आलोचना की और इसे सबसे असंवेदनशील सरकार बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक्टिविस्ट की लंबी भूख हड़ताल के बावजूद सरकार उनकी मांगों पर कोई प्रतिक्रिया देने में नाकाम रही है।