नई दिल्ली।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)। संसद के मानसून सत्र का आगाज हो चुका है। इसकी शुरुआत से ठीक पहले कॉकरोच जनता पार्टी ने संसद मार्च रखा था, मार्च शुरू होते ही बवाल शुरू हो गया। इन सभी के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने मुलाकात की। अहम बात यह है कि दोनों के बीच सोमवार (20 जुलाई) को दो बार मीटिंग हुई। जानकारी के मुताबिक दोनों के राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर चर्चा हुई।
मीटिंग में राहुल और अखिलेश के साथ-साथ प्रियंका गांधी भी शामिल रहीं। इस मीटिंग में अयोध्या में चंदा चोरी और 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा हुई। इसके साथ ही तीनों ने उत्तर प्रदेश में गठबंधन को लेकर चर्चा की। अखिलेश और राहुल ने एक बार मीटिंग खत्म की। इसके कुछ देर बाद दोनों की दोबारा मीटिंग हुई और उन्होंने वन टू वन बातचीत की। मानसून सत्र से ठीक पहले कॉकरोच जनता पार्टी ने संसद मार्च शुरू कर दिया। पुलिस ने भीड़ को कंट्रोल करने के लिए लाठीचार्ज किया, लेकिन इसका ज्यादा असर नहीं हुआ। प्रदर्शनकारी संसद भवन तक पहुंच गए। अहम बात यह भी है कि इसके बाद आंसू गैस का गोला भी छोड़ा गया।
संसद में उठा लाठीचार्ज का मुद्दा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद में पेपर लीक और जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शन का मुद्दा संसद में उठाया। उन्होंने लाठीचार्ज के मामले पर कहा, पेपरलीक के खिलाफ, बच्चे जंतर-मंतर पर बैठे हैं, लेकिन उनके ऊपर लाठीचार्ज करवाया जा रहा है। मोदी सरकार हमारे युवाओं की आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है। बता दें कि पेपर लीक मामले को लेकर सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर थे। वे भी कॉकरोच जनता पार्टी का साथ दे रहे थे। अब उन्होंने भूख हड़ताल खत्म करने की घोषणा की है।
प्रदर्शनकारियों पर बरसी लाठियां तो पिघला अखिलेश यादव का दिल: राहुल गांधी से दो बार मिले, क्या है प्लान?
