सांसद निधि, विधायक निधि, त्वरित आर्थिक विकास एवं क्रिटिकल गैप्स योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा
बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में सांसद निधि, विधायक निधि, त्वरित आर्थिक विकास योजना, क्रिटिकल गैप्स योजना तथा अन्य निर्माण परियोजनाओं के प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में
कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्र विभाग द्वारा त्वरित आर्थिक विकास योजना के 14 निर्माण कार्यों की बिड खुलने का दावा किया गया किंतु कोई भी साक्ष्य उपलब्ध न कराए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। इसके साथ ही 3 निर्माण कार्यों की बिड ही नहीं डाली गई तथा ग्रामीण अभियंत्र विभाग के बाबू शैलेंद्र कुमार का कॉर्डिनेट का अभाव एवं सूचनाओं का अपडेट न होना भी पाया गया। जिलाधिकारी ने सभी को कड़े शब्दों में निर्देशित किया है कि अपने कार्य आचरण में सुधार लाए अन्यथा जिम्मेदारी तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि त्वरित आर्थिक विकास योजना के कार्यों में काफी लम्बा समय बीत जाने के उपरांत भी सुधार नहीं हुआ है, यह स्थित खेद जनक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप प्रत्येक विकास परियोजना को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के साथ समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता अथवा गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिन कार्यों में निविदा, अनुबंध अथवा निर्माण कार्य प्रारंभ होने में विलंब है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराते हुए कार्यों में अपेक्षित गति लाई जाए।
समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि त्वरित आर्थिक विकास योजना वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जनपद में 22 विकास परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनकी कुल लंबाई 13.95 किलोमीटर तथा कुल स्वीकृत लागत ₹1495.26 लाख है। इन परियोजनाओं के लिए अब तक ₹978.70 लाख की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। इन योजनाओं के माध्यम से संपर्क मार्ग, सीसी एवं पीसी सड़कें, पुलिया तथा बारातघर जैसे आधारभूत विकास कार्य कराए जा रहे हैं, जिनसे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा और जनसुविधाओं का विस्तार होगा।
लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) द्वारा संचालित सड़क निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए बताया गया कि 5.05 किलोमीटर लंबाई के विभिन्न सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर हैं, जिनकी कुल स्वीकृत लागत ₹443.42 लाख है। इन परियोजनाओं हेतु अब तक ₹213.00 लाख की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है।
क्रिटिकल गैप्स योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा में बताया गया कि 3 विकास कार्य स्वीकृत हैं, जिनकी कुल लागत ₹39.61 लाख है। इनमें से एक कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि अन्य कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुसार प्रगति पर हैं। इन कार्यों पर अब तक ₹29.29 लाख व्यय किए जा चुके हैं।
इसी प्रकार सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत प्रस्तावित 17 विकास कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। इन कार्यों की अनुमानित लागत ₹264.24 लाख है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि कई परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि शेष कार्य निविदा एवं निर्माण की विभिन्न अवस्थाओं में हैं।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सांसद एवं विधायक निधि से संचालित सभी विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करते हुए उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण कराया जाए, ताकि आमजन को योजनाओं का लाभ शीघ्र प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि सड़क, संपर्क मार्ग, पुलिया, बारातघर एवं अन्य आधारभूत अवस्थापना से जुड़े निर्माण कार्य जनपद के समग्र एवं संतुलित विकास की आधारशिला हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा, आधारभूत सुविधाएं सुदृढ़ होंगी तथा जनसामान्य के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए रामऔतार सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
