रसोइयों के मानदेय में ₹1,000 की वृद्धि, अब मिलेगा ₹3,000 प्रतिमाह मानदेय; कैशलेस चिकित्सा कार्ड से ₹5 लाख तक निःशुल्क उपचार की सुविधा
बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)। पीएम पोषण योजना के अंतर्गत कार्यरत रसोइयों के सम्मान एवं कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण का भव्य कार्यक्रम कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर राज्य मंत्री असीम अरुण, जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, भाजपा जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास एवं अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 देवेंद्र सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर मुख्यमंत्री के संबोधन का लाइव प्रसारण उपस्थितजनों द्वारा देखा एवं सुना गया।
कार्यक्रम में जनपद के 1,459 परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत 3,663 रसोइयों एवं उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा से आच्छादित किए जाने की जानकारी दी गई। प्रतीकात्मक रूप से 11 रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड एवं डेमो चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया।
राज्य मंत्री श्री अरुण ने कहा कि प्रदेश सरकार रसोइयों के सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधा को लेकर संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री द्वारा रसोइयों के मानदेय में ₹1,000 की वृद्धि किए जाने से अब उन्हें ₹3,000 प्रतिमाह मानदेय प्राप्त होगा। इसके साथ ही रसोइया वस्त्र परिधान के लिए दी जाने वाली वार्षिक धनराशि को ₹500 से बढ़ाकर ₹1,000 किया गया है। रसोइयों को ₹2 लाख की सामाजिक सुरक्षा गारंटी भी प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि कैशलेस चिकित्सा कार्ड के माध्यम से रसोइया एवं उनके आश्रितों को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा सरकारी एवं सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहा कि बच्चों को जितना बेहतर और पौष्टिक भोजन मिलेगा, उनका स्वास्थ्य उतना ही मजबूत होगा और वे उतनी ही एकाग्रता के साथ शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। विद्यालयों में रसोइयों द्वारा किए जा रहे कार्य की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व की भाँति आगे भी स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता एवं साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए, विशेषकर बारिश के मौसम में विद्यालय परिसर और रसोईघर की स्वच्छता सुनिश्चित की जाए।
राज्य मंत्री ने कहा कि विधायकनिधि से विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं को और बेहतर किया जा रहा है। जहां अभी तक मिड-डे मील के लिए छत की व्यवस्था नहीं है, वहां शीघ्र ही आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर देते हुए कहा कि न रिश्वत लें और न रिश्वत दें। यदि कोई व्यक्ति रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत 1077 पर की जाए, जिस पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा बच्चों के भविष्य की नींव है और शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जाएगा। बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग को समन्वय के साथ कार्य करते हुए शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है।
उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर वातावरण और पौष्टिक भोजन के कारण अब अनेक अभिभावक निजी विद्यालयों से अपने बच्चों का नाम हटाकर सरकारी विद्यालयों में प्रवेश करा रहे हैं। इस सकारात्मक बदलाव में शिक्षकों के साथ-साथ रसोइयों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है, क्योंकि बच्चों को विद्यालय में स्वच्छ, स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्रा गोल्डी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि विद्यालय की रसोइयों द्वारा उन्हें नियमित रूप से स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। समय-समय पर दूध, फल आदि पोषणयुक्त सामग्री मिलने से उन्हें स्वस्थ रहने और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है।
वहीं कंपोजिट विद्यालय सरायमीरा की रसोइया रेनू ने भावपूर्ण शब्दों में कहा कि सुबह समय से उठकर बच्चों के लिए भोजन तैयार करना और उन्हें समय पर भोजन उपलब्ध कराना उन्हें अच्छा लगता है। मानदेय ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 किए जाने तथा कैशलेस चिकित्सा कार्ड की सुविधा मिलने पर उन्होंने प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन आशुतोष दुबे द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान रसोइयों में उत्साह एवं प्रसन्नता का वातावरण रहा। उपस्थित रसोइयों ने सरकार द्वारा मानदेय वृद्धि, सामाजिक सुरक्षा एवं कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान किए जाने पर आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक पप्पू सरोज सहित संबंधित अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में रसोइया उपस्थित रहीं।
