फर्रूखाबाद।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)। इस्लामी कैलेंडर के तीसरे महीने रबी-उल-अव्वल की 12 तारीख को पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के वफात दिवस के मौके पर शमशाबाद क्षेत्र में बारह वफात बड़े ही अदब व एहतराम के साथ मनाई गई। इस मौके पर अकीदतमंदों ने जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला और नात-ए-पाक का नजराना पेश किया।
सुबह से ही कस्बे हर एक घर में कुरानख्वानी और फातिहाख्वानी का दौर चलता मोहल्ला दलवीर खां, तराई, काजीटोला,शेरवानी टोला, सैय्यद, इमलीदरवाजा, गढ़ी,घटियापर, सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में उलेमा-ए-कराम ने पैगंबर साहब की जिंदगी पर रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि 12 रबी-उल-अव्वल को हुजूर की वफात हुई थी, इसलिए इस दिन को बारह वफात के रूप में याद किया जाता है और उनकी शिक्षाओं पर चलने का संकल्प लिया जाता है। आज जौहर की नमाज के बाद मुख्य जुलूस जामिया अबूबकर सिद्दीक मुफ्ती मोहम्मद जफर अहमद कासमी की सरपरस्ती में और दूसरा मदरसा गुलशने रज़ा मुफ्ती मोहम्मद नवाजिश की सर परस्ती में दोनों मदरसों ने मिलकर अंजुमन स्लामिक स्कूल से शुरू हुआ, जो नगर के मुख्य मार्गों से होता हुआ शाही जामा मस्जिद कोट पर आकर समाप्त हुआ। जुलूस में शामिल अकीदतमंद हाथों में इस्लामी झंडे लिए नारा-ए-तकबीर और नारा-ए-रिसालत के नारे लगा रहे थे। जगह-जगह पर लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और लंगर, शरबत और पानी का इंतजाम किया।
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्राधिकार कायमगंज राजेश कुमार और थाना अध्यक्ष सचिन चौधरी फैजबाग चौकी चिलसरा चौकी पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। थानाध्यक्ष सचिन चौधरी ने बताया कि जुलूस को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। इस मौके पर शहर के मौलाना और समाजसेवियों ने कौमी एकता का पैगाम देते हुए कहा कि पैगंबर साहब ने हमेशा अमन, भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया है, जिस पर सभी को अमल करना चाहिए।
शमशाबाद में 12 रबी-उल-अव्वल बारह वफात पर जुलूस-ए-मोहम्मदी शानो-शौकत से निकला, नात-ए-पाक से गूंजा शहर
