लखनऊ।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश (प्राथमिक संवर्ग) के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर सिंह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय शिक्षकों की मौलिक और लंबे समय से लंबित समस्याओं से संबंधित छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की।
महासंघ ने विशिष्ट बीटीसी-2004 और अन्य अर्ह बैच के शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने, विभागीय टीईटी जल्द आयोजित कराने तथा प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पदोन्नति पर 17,140 और 18,150 रुपये का न्यूनतम वेतनमान देने की मांग प्रमुखता से रखी।
स्थानांतरण नीति, पदोन्नति और प्रोन्नत वेतनमान की भी मांग
प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षकों के लिए स्थायी और पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की। लंबित अंतःजनपदीय और अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नियमित रूप से कराने तथा आकांक्षी जनपदों में आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त शिक्षकों की भर्ती कर वर्षों से कार्यरत शिक्षकों को उनके मूल जनपद में स्थानांतरण का अवसर देने की मांग भी रखी गई। स्थानांतरण में वरिष्ठ शिक्षकों को वरीयता देने पर जोर दिया गया।
महासंघ ने पिछले दो वर्षों से लंबित पारस्परिक स्थानांतरण नियमित रूप से कराने, लंबे समय से लंबित शिक्षक पदोन्नतियां शीघ्र पूरी करने और प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाध्यापक का पद सुनिश्चित करने की मांग भी की। इसके साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षकों की तरह शत-प्रतिशत प्रोन्नत वेतनमान देने की मांग उठाई गई। महासंघ का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में सीमित संख्या में ही शिक्षक इसका लाभ ले पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना और जल्द समाधान का आश्वासन दिया। महासंघ ने मुख्यमंत्री के सकारात्मक रुख पर आभार जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि शिक्षकों की लंबित मांगों पर जल्द शासनादेश जारी होंगे। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह, पूर्व प्रदेश महामंत्री भगवती सिंह और प्रदेश मीडिया प्रमुख बृजेश श्रीवास्तव समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
पुरानी पेंशन समेत शिक्षकों की छह मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मिला महासंघ: छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा
