समैचीपुर चितार में गंगा की विभीषिका: प्रशासनिक आंकड़ों और जमीनी हकीकत में अंतर

महेश वर्मा
‘‘50 से अधिक मकान और इतनी ही झोपड़ियां गंगा में समाई’’
‘‘जिलाधिकारी ने बाढ़ और कटान प्रभावित क्षेत्र समैचीपुर चितार का किया दौरा’’
फर्रूखाबाद।।(आवाज न्यूज ब्यूरो) गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज कटान से प्रभावित समैचीपुर चितार गांव का जिलाधिकारी ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पीड़ितों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। हालांकि, मौके पर मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन द्वारा जुटाए गए आंकड़े और जमीनी हालात में जमीन-आसमान का फर्क है।
प्रशासनिक रिपोर्ट में केवल 36 मकान और कुछ झोपड़ियों के गंगा में समाने की बात कही गई है। इसके विपरीत, स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि स्थिति बेहद भयावह है और अब तक लगभग 50 पक्के मकान तथा करीब 50 झोपड़ियां पूरी तरह कटकर गंगा में समा चुकी हैं। गांव में कई मीटर तक सीधे कटान होने के कारण अफरा-तफरी का माहौल है।
खतरे की जद में कई और परिवार,
गांव में कटान का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में हनीफ पुत्र बरकतली और निसार पुत्र इस्लाम सहित कई अन्य ग्रामीणों के मकान भी कटान की गंभीर जद में हैं और किसी भी समय नदी में समा सकते हैं। पीड़ित परिवारों के सामने सिर छिपाने का संकट खड़ा हो गया है। जिलाधिकारी ने बाढ़ और कटान प्रभावित क्षेत्र का किया दौरा गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज कटान से प्रभावित समैचीपुर चितार गांव का जिलाधिकारी ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पीड़ितों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। हालांकि, मौके पर मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन द्वारा जुटाए गए आंकड़े और जमीनी हालात में जमीन-आसमान का फर्क है।
प्रशासनिक दावे और ग्रामीणों का दर्द प्रशासनिक रिपोर्ट में केवल 36 मकान और कुछ झोपड़ियों के गंगा में समाने की बात कही गई है। इसके विपरीत, स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि स्थिति बेहद भयावह है और अब तक लगभग 50 पक्के मकान तथा करीब 50 झोपड़ियां पूरी तरह कटकर गंगा में समा चुकी हैं। गांव में कई मीटर तक सीधे कटान होने के कारण भय का माहौल है,खतरे की जद में कई और परिवार गांव में कटान का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में हनीफ पुत्र बरकतली और निसार पुत्र इस्लाम सहित कई अन्य ग्रामीणों के मकान भी कटान की गंभीर जद में हैं और किसी भी समय नदी में समा सकते हैं। पीड़ित परिवारों के सामने सिर छिपाने का संकट खड़ा हो गया है।
शमसाबाद मंडी स्थित बाढ़ शरणालय स्थल का किया निरीक्षण
जिलाधिकारी अंकुर लाठर ने बाढ़ शरणालय में रहने वाले लोगों की सुविधा के लिए चलित शौचालय की स्थापना कराने तथा उसकी नियमित साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शरणालय में स्वच्छता, पेयजल, भोजन, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए,वहीं जिलाधिकारी अंकुर लाठर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए तथा प्रभावित लोगों को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। प्रशासन की प्राथमिकता प्रत्येक बाढ़ प्रभावित व्यक्ति की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करना है इस दौरान पुलिस अधीक्षक आरती सिंह,अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी कायमगंज अभिषेक वर्मा, क्षेत्राधिकारी कायमगंज अजय वर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 धीरज कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।