जनगणना-2027 द्वितीय चरण की तैयारियों में जुटा प्रशासन: जिलाधिकारी ने दिए आवश्यक निर्देश

फर्रूखाबाद। (आवाज न्यूज ब्यूरो) । जनगणना-2027 के द्वितीय चरण को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार फतेहगढ़ में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। इसमें आगामी जनसंख्या गणना के लिए की जा रही तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भारत सरकार की निर्धारित गाइडलाइन और समय-सारिणी के अनुसार जनगणना कार्य को पूरी पारदर्शिता, शुद्धता और गंभीरता के साथ पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि जनगणना महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों को समझकर निर्धारित समय में तैयारियां पूरी करें। जिलाधिकारी ने गणना कार्य में लगाए जाने वाले कर्मचारियों के प्रशिक्षण, आवश्यक प्रपत्र एवं सामग्री की उपलब्धता, क्षेत्रवार कार्ययोजना तथा डाटा संकलन सहित अन्य व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने संभावित समस्याओं को पहले ही चिन्हित कर उनके समाधान की व्यवस्था करने तथा संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा। जनगणना प्रभारी पारखी भार्गव ने बताया कि द्वितीय चरण की जनसंख्या गणना को समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से पूरा कराने के लिए जिले में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। यह रहेगी प्रमुख समय-सारिणी गणना ब्लॉकों का गठन एवं अंतिम रूप 20 सितंबर 2026 तक दिया जाएगा। जनपद एवं चार्ज स्तर पर अधिकारियों-कर्मचारियों का प्रशिक्षण 15 व 16 सितंबर को होगा। फील्ड ट्रेनर्स की नियुक्ति एवं प्रशिक्षण 10 अक्टूबर तक, जबकि गणना ब्लॉकों का आवंटन 31 अक्टूबर तक किया जाना है। प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण 7 नवंबर तक पूरा होगा। स्वतः की प्रक्रिया 16 से 30 नवंबर 2026 तक चलेगी। इसके बाद का कार्य 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रस्तावित है। जनगणना की संदर्भ तिथि 5 जनवरी 2027 को रात 12 बजे निर्धारित की गई है। पुनरीक्षण कार्य 5 से 9 जनवरी 2027 तक चलेगा। प्रचार-प्रसार लगातार जारी रहेगा और विद्यालयों एवं संस्थानों की सहभागिता 7 नवंबर तक सुनिश्चित की जानी है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल कार्य की प्रगति ही नहीं, बल्कि गणना की शुद्धता, गुणवत्ता और वास्तविक कवरेज की भी नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने प्रशिक्षण को महज औपचारिकता न मानते हुए सभी प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी प्राप्त करने और अधीनस्थ प्रगणकों व पर्यवेक्षकों को भी आवश्यक जानकारी देने को कहा। उन्होंने कहा कि फील्ड में आने वाली समस्याओं को छिपाने के बजाय तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाकर उनका समाधान कराया जाए। साथ ही स्वतः गणना के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा विद्यालयों एवं संस्थानों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनगणना कर्मियों को आमजन के साथ विनम्र एवं संवेदनशील व्यवहार करने तथा निर्धारित नियमों के अनुसार सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी अमृतपुर स्वेता साहू, उपजिलाधिकारी कायमगंज अभिषेक वर्मा, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी वीरेंद्र कुमार सहित संबंधित अधिकारी एवं जनगणना कार्य से जुड़े कर्मचारी मौजूद रहे।