यूपी में बारिश से हाहाकार : पूरा प्रदेश पानी-पानी, फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना बारिश

लखनऊ।(आवाज न्यूज ब्यूरो) । उत्तर प्रदेश में पिछले दो दिनों से जारी भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम से जनजीवन प्रभावित हो गया है। इस स्थिति को देखते हुए राहत एवं बचाव व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों को पूरी तरह से सक्रिय रखा गया है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहा है।
राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने शनिवार को प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नेपाल में हो रही भारी बारिश के मद्देनजर सीमावर्ती जिलों, विशेषकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में नदियों के जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। संबंधित जिलाधिकारियों को नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और बाढ़ राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने के लिए कहा गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, मौसम सामान्य होने में 24 घंटे से अधिक समय लगने की संभावना है। किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता के लिए राहत हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क किया जा सकता है।
63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
राहत आयुक्त ने बताया कि प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे प्रदेश में सामान्य से 19 गुना अधिक वर्षा हुई। फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना, कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई में सामान्य से 130 गुना अधिक वर्षा दर्ज की गई है।भदोही, देवरिया और अलीगढ़ में सामान्य वर्षा हुई, जबकि गाजीपुर में सबसे कम बारिश दर्ज की गई। वहीं बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ में वर्षा नहीं हुई। पिछले 48 घंटों में अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। सरकार ने भारी बारिश से हुई क्षति का तत्काल सर्वेक्षण एवं आकलन कराने और प्रभावित लोगों को नियमानुसार राहत सहायता शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा है। आवश्यकता के अनुसार फायर सर्विस, पीएसी, सिविल डिफेंस, होमगार्ड और आपदा मित्रों की सेवाएं ली जाएं। लेखपालों और ग्राम विकास अधिकारियों के माध्यम से कच्चे मकानों के आस-पास जलभराव की स्थिति का तत्काल संज्ञान लेने के निर्देश दिए गए हैं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था के साथ कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठाने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर ऐसे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।