‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक: 2 अक्टूबर से लोकतंत्र बचाओ आंदोलन, 6 को चुनाव आयोग तक मार्च

नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो) । मतदाता सूची के एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच बढ़ते विवाद के बीच ‘इंडिया’ गठबंधन ने देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ निकालने का ऐलान किया है। विपक्षी गठबंधन के मुताबिक यह अभियान 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026 तक जिला स्तर पर चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य एसआईआर और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर विपक्ष की आपत्तियों को जनता के बीच ले जाना तथा गठबंधन की एकजुटता प्रदर्शित करना है। 1 नवंबर को विपक्ष दिल्ली में एक बड़ी रैली भी करेगा।
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंदोलन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल एसआईआर, मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर अपना अभियान आगे बढ़ाएंगे।
2 से 8 अक्टूबर तक मार्च
टाइम्स आफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक ‘इंडिया’ गठबंधन ने बुधवार को सप्ताह भर चलने वाले इस अभियान की घोषणा की। इसके तहत देश के अलग-अलग जिलों में मार्च और विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विपक्षी दल एसआईआर प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी चिंता जताते रहे हैं। इस अभियान के जरिए विपक्ष मतदाता सूची में बदलाव, नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाना चाहता है। इसी दौरान 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक विपक्ष मार्च निकालेगा।
विपक्षी दलों का देशव्यापी विरोध कार्यक्रम

  1. 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तरीय “लोकतंत्र बचाओ” मार्च।
  2. 6 अक्टूबर को सभी विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे।
  3. विपक्षी नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में भारत के राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगेंगे।
  4. विपक्षी दलों द्वारा पांच विशाल रैलियां।
  5. 1 नवंबर को दिल्ली में एक विशाल रैली।
  6. ‘इंडिया’ गठबंधन के नेता सुप्रीम कोर्ट में लंबित एसआईआर और चुनावी मामलों से संबंधित सभी मामलों के शीघ्र निपटारे की अपील करेंगे।
    राष्ट्रपति से भी मिलने की तैयारी
    ‘इंडिया’ गठबंधन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की भी योजना बनाई है। विपक्षी नेताओं के अनुसार, अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा जाएगा। विपक्षी नेता राष्ट्रपति के सामने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़े अपने सवाल और शिकायतें रखने की तैयारी कर रहे हैं। खड़गे ने कहा कि विपक्ष राष्ट्रपति के सामने चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताओं का विस्तृत ब्यौरा रखेगा।
    अक्टूबर-नवंबर में पांच बड़ी रैलियां
    ‘इंडिया’ गठबंधन ने अक्टूबर और नवंबर में पांच बड़ी रैलियां करने का भी फैसला किया है। इन रैलियों के स्थान और तारीखों को बाद में तय किया जाएगा। खड़गे के मुताबिक, इन रैलियों के जरिए विपक्ष जनता को यह बताएगा कि उसके अनुसार चुनावी प्रक्रिया में क्या समस्याएं पैदा हुई हैं और मतदाताओं के अधिकारों पर किस तरह के सवाल उठ रहे हैं। इस तरह विपक्ष का आंदोलन तीन स्तरों पर चलाने की तैयारी है-जिला स्तर पर प्रदर्शन और मार्च, दिल्ली में चुनाव आयोग तक सांसदों का मार्च और इसके बाद बड़े जनसभा कार्यक्रम।
    राहुल गांधी ने विपक्षी एकजुटता पर ज़ोर दिया
    लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बैठक में विपक्षी दलों की संयुक्त भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने विपक्षी नेताओं को संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सामूहिक रूप से काम करने वाला बताया। ‘इंडिया’ गठबंधन का कहना है कि उसका आंदोलन केवल किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं बल्कि मतदाता के वोट के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा प्रश्न है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा- “हमारी अच्छी चर्चा हुई। हमारी सामूहिक राय यह है कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार ने चुनाव में धांधली की है। हम इसे चुपचाप बर्दाश्त नहीं करेंगे। भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने वालों को दंडित किया जाएगा, चाहे वे कितने भी वरिष्ठ पद पर हों। मैंने विपक्ष के नेताओं से कहा कि वे संविधान के सामूहिक रक्षक हैं।” बैठक करीब साढ़े तीन घंटे चली। इसमें ‘इंडिया’ गठबंधन के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, एनसीपी एसपी की सांसद सुप्रिया सुले और सीपीआई एम नेता एम.ए. बेबी समेत अन्य नेता शामिल थे।
    बैलेट पेपर से चुनाव की मांग उठी
    चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर जारी विवाद के बीच विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन ने एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग उठाई है। कांग्रेस ने बुधवार को ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में कहा कि चुनावी व्यवस्था में जनता का भरोसा बहाल करने के लिए बैलेट पेपर पर लौटना जरूरी है।
    ‘एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य’ कमजोर नहीं होने देंगे
    कांग्रेस ने कहा कि लोकतंत्र का मूल सिद्धांत “एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य” है और ‘इंडिया’ गठबंधन इसे कमजोर नहीं होने देगा। उसने कहा कि मतपत्र जनता का है और सरकार चलाने का जनादेश भी जनता का है। इसलिए लोकतांत्रिक व्यवस्था में अंतिम और निर्विवाद अधिकार मतदाताओं का होना चाहिए। विपक्ष का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और लोगों का विश्वास कायम रखना है। किसी भी चुनाव को विश्वसनीय बनाने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव आयोग जरूरी है।