‘‘4 दिन पहले कहा था- एक दिन तो हम सभी को जाना ही है’’
नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) । अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार को गोवा में उनके घर में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। वे 75 साल के थे। पाटेकर गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर में बेहोश हो गए थे। इसके बाद उन्हें तुरंत मणिपाल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें 45 मिनट तक सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की। हालांकि, उनकी जान नहीं बच सकी। डॉक्टरों ने उन्हें सुबह 5.20 बजे मृत घोषित कर दिया।
विश्वनाथ पाटेकर (नाना) का जन्म 1 जनवरी, 1951 को महाराष्ट्र में हुआ था। नाना ने 1978 में आई फिल्म गमन से डेब्यू किया था। उन्हें पहला नेशनल अवॉर्ड 1989 में आई फिल्म परिंदा के लिए मिला था। इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का अवॉर्ड दिया गया था। उन्होंने कई मराठी फिल्मों में भी छोटे रोल किए थे। नाना ने 1991 में आई प्रहार, द फाइनल अटैक से डायरेक्शन में डेब्यू किया था। यह एक मिलिट्री सेंटर्ड फिल्म थी और नाना ने इसमें मेन कैरेक्टर प्ले किया था।
एक दिन तो सभी को जाना ही है
नाना का निधन गोवा में हुआ। वो एक इवेंट के लिए यहां पहुंचे थे। हरदिल अजीज इस एक्टर ने 4 अक्टूबर को आखिरी बार किसी इवेंट में शिरकत की थी। इस समारोह में नाना अपनी पसंदीदा ड्रेस सफेद कुर्ता, पायजामा और गले में गमछे के साथ नजर आए थे। इवेंट में तिरंगा और अग्निसाक्षी फेम इस एक्टर ने गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री और डिफेंस मिनिस्टर मनोहर पर्रिकर का जिक्र किया था। कहा था- उनकी ईमानदारी और काम करने का तरीका मुझे बेहद पसंद था। पर्रिकर और नाना बहुत करीबी दोस्त भी थे। मनोहर भाई को याद करते हुए नाना भावुक हो गए थे। उन्होंने इसी कार्यक्रम में कहा था- आखिर हम सबको एक न एक दिन तो जाना ही है। आज मैं यहां आपके बीच हूं, पता नहीं कल का क्या भरोसा। मैं यहां रहूं या न रहूं। नाना के ये शब्द अब जैसे लोगों के जेहन में गूंज रहे हैं। एक सच्चा कलाकार, एक जमीन से जुड़ा इंसान और खुद को पहले किसान और बाद में एक्टर मानने वाले नाना फैन्स की यादों में हमेशा जीवित रहेंगे।.अलविदा नाना।
नाना ने इन फिल्मों में किया काम
शुरुआती दौरः गमन (1978), अंकुश (1986), प्रतिघात (1987), सलाम बॉम्बे, (1988), परिंदा (1989), प्रहार द फाइनल अटैक (1991), तिरंगा (1993)
90 के दशक की यादगार फिल्मेंः क्रांतिवीर (1994), अग्नि साक्षी (1996), खामोशीरू द म्यूजिकल (1996), यशवंत (1997), गुलाम-ए-मुस्तफा (1997), वजूद (1998), हू तू तू (1999)
2000 के दशक की चर्चित फिल्मेंः शक्तिरू द पावर (2002), भूत (2003), अब तक छप्पन (2004), अपहरण (2005), टैक्सी नंबर 9211 (2006), फिर हेरा फेरी (2006), वेलकम (2007), राजनीति (2010)
इसके अलावा उन्होंने द अटैक्स ऑफ 26/11 (2013), डॉ. प्रकाश बाबा आमटेः द रियल हीरो (2014), वेलकम बैक (2015), नटसम्राट (2016, मराठी), गोलमाल अगेन (2017), काला (2018), गदर 2 (2023), द वैक्सीन वॉर (2023), वनवास (2024), हाउसफुल 5 (2025)
निधन पर पीएम मोदी ने दुख जताया
नाना पाटेकर के निधन पर पीएम मोदी ने दुख जताया। उन्होंने कहा- नाना पाटेकर जैसे अभिनेता बहुत कम थे। उन्होंने हर भूमिका में अद्भुत प्रतिभा का परिचय दिया और हमें ऐसे किरदार दिए जिन्हें पीढ़ियां याद रखेंगी। वे अपने स्पष्ट और बेबाक विचारों के लिए याद किए जाएंगे। वे अपने विश्वासों को व्यक्त करने में कभी संकोच नहीं करते थे। हिंदी और मराठी सिनेमा में नाना पाटेकर का योगदान अपार था। उनके निधन से एक गहरा खालीपन आ गया है। उनके परिवार, मित्रों और अनगिनत प्रियजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं।
नाना के परिवार में कौन-कौन
नाना पाटेकर ने 1978 में नीलकांति पाटेकर से शादी की थी। नीलकांति मराठी फिल्म और थिएटर से जुड़ी रही हैं और अभिनेत्री व लेखिका के तौर पर काम किया है। शादी से पहले वह बैंक अधिकारी भी रह चुकी थीं। हालांकि, नाना और उनकी पत्नी लंबे समय से अलग रहते थे, लेकिन उन्होंने औपचारिक रूप से तलाक नहीं लिया। नाना और नीलकांति के दो बेटे मल्हार और दुर्वासा थे। दुर्वासा का 2 साल की उम्र में ही निधन हो गया था। मल्हार आमतौर पर मीडिया और ग्लैमर से दूर रहते हैं। वे फिल्म निर्माण से जुड़े रहे हैं और असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर भी काम कर चुके हैं। मल्हार ने ही नाना के निधन की पुष्टि की।
नहीं रहे अभिनेता नाना पाटेकर : 75 साल की उम्र में कार्डिएक अरेस्ट से निधन
