नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) । देश के तमाम कस्बों और शहरों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं। अभी तक छोटे शहरों और कस्बों में प्रदर्शन नहीं हो रहे थे। बिहार, जम्मू कश्मीर, यूपी, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश आदि से कांग्रेसी और अन्य विपक्षी दलों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आये हैं। दूसरी तरफ दिल्ली में इंडिया गठबंधन के सांसद फिर से आज प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। खड़गे ने आज भी सांसदों और नेताओं को कनॉट प्लेस के रेस्टोरेंट में लंच पर बुलाया है। दूसरी तरफ सीईसी ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
तीन बसों में सांसद राजघाट के लिए निकले, पुलिस तैयार
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर नई दिल्ली में लगातार तीसरे दिन विरोध प्रदर्शन शुरू किया। कनॉट प्लेस में लंच पर रणनीति बैठक के बाद, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस सहित विभिन्न दलों के सांसद राजघाट की ओर रवाना होने के लिए तीन बसों में सवार हुए।
जंतर मंतर ही नहीं, हम कहीं भी प्रदर्शन नहीं होने देंगेः दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस की डीसीपी सृष्टि पांडे ने दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन और 10 अक्टूबर के होने वाले प्रदर्शन पर कहा, धारा 163 लागू है, जिसका अर्थ है कि जंतर-मंतर पर या कहीं और भी विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। किसी भी प्रकार का जमावड़ा अवैध माना जाएगा और हमें उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। मैं प्रदर्शनकारियों से आग्रह करती हूं कि वे ऐसे अवैध जमावड़ों में भाग न लें। कृपया अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। साथ ही, अपने परिवार की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। अवैध विरोध प्रदर्शनों के संबंध में, प्रक्रिया में भाग लेने का एक उचित तरीका है। किसी अवैध विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से आपको लंबे कानूनी नतीजों का सामना करना पड़ सकता है।
खड़गे का बयान- राजघाट प्रार्थना के लिए जा रहे हैं
लंच के बाद राजघाट रवाना होने से पहले मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोएट्स रेस्टोरेंट के बाहर पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा- हम सभी, इंडिया गठबंधन के सांसद, गांधी स्मारक जा रहे हैं, जहां हम धरना देंगे और शांतिपूर्वक बैठकर प्रार्थना करेंगे कि भाजपा सरकार, मोदी और शाह को अक्ल आए और वे जो कुछ भी कर रहे हैं, वह देश के हित में न हो, चाहे वह वोट चोरी का मामला हो, देश में बढ़ती महंगाई हो या युवाओं की समस्या हो।
लंच के लिए पहुंचने लगे सांसद, लंच के बाद राजघाट तक मार्च करेंगे
कांग्रेस और अन्य इंडिया ब्लॉक के सांसद गुरुवार को लगातार दूसरी बार लंच मीटिंग के लिए रेस्तरां पहुंचने लगे। विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे अपने विरोध प्रदर्शन की अगली रणनीति पर चर्चा करने वाले हैं। बैठक के बाद नेताओं के राजघाट जाने की उम्मीद है। लंच से पहले रेस्तरां के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है क्योंकि विपक्षी नेता और सांसद कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खर्गे द्वारा आयोजित लंच मीटिंग के लिए पहुंचने लगे हैं। इससे पहले, कांग्रेस सांसद कोडिकुन्निल सुरेश ने कहा कि इंडिया ब्लॉक ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेगा और उन्होंने जोर देकर कहा कि विपक्ष पीछे नहीं हटेगा। सुरेश ने कहा, और आज भी, हम ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जोरदार, आक्रामक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हम पीछे नहीं हटेंगे। सुरेश ने कहा कि अगली रणनीति बैठक के दौरान इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व द्वारा तय की जाएगी और इसके बाद होने वाले विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य इंडिया ब्लॉक के नेता करेंगे। विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की घोषणा के बाद दिल्ली पुलिस ने राजघाट पर भीड़ जमा होने पर रोक लगा दिया है।
खड़गे का लंच थोड़ी देर में
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे लगातार दूसरे दिन गुरुवार को दिल्ली के एक रेस्तरां में इंडिया ब्लॉक के नेताओं के लिए दोपहर का भोजन आयोजित कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, दोपहर 1:45 बजे कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल स्थित मोएट्स रेस्तरां में होने वाले इस भोजन के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन होने की संभावना है। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी है।
बेंगलुरु में सीजेपी का प्रदर्शन, प्रकाश राज, ध्रुव राठी, अभिजीत दिपके शामिल
यूट्यूबर ध्रुव राठी, अभिनेता प्रकाश राज और सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके 8 अक्टूबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में एसआईआर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। दिपके ने अपने भाषण की शुरुआत प्रदर्शनकारियों से नरेंद्र मोदी वोट चोर का नारा लगाने का आह्वान करते हुए की। इस मौके पर बेंगलुरु में अभिनेता-एक्टिविस्ट प्रकाश राज ने आगे कहा, “आदिवासियों, गरीबों, मुसलमानों और अल्पसंख्यकों को उनके वोट से वंचित किया गया है। क्योंकि आप उन्हें मार नहीं सकते, इसलिए आपने उनके वोट छीन लिए हैं। हमारी लड़ाई सिर्फ ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के बारे में नहीं है। अगर वह चले जाएंगे तो कोई और आ जाएगा। हम एसआईआर विधेयक को रद्द करवाना चाहते हैं। इसके बाद ज्ञानेश कुमार की जांच होनी चाहिए और उनके खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए।
पटना में इंडिया गठबंधन का ‘आक्रोश मार्च’
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘आक्रोश मार्च’ निकाला। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी नामावली के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने राज्य विधानसभा के सामने शहीद स्मारक से लोक भवन की ओर मार्च शुरू किया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के पास पुलिस ने उन्हें रोक दिया। सुरक्षा बैरिकेड तोड़ने की कोशिश करने पर पुलिस ने उन्हें वाहन में बैठाकर लोक भवन ले गई। पूर्व सीपीआई (एमएल) लिबरेशन विधायक अजित कुशवाहा प्रदर्शन के दौरान बेहोश हो गए।
तेजस्वी यादव ने पुलिस वाहन में ले जाते समय पत्रकारों से कहा, “हमें राज्यपाल से मिलने नहीं दिया जा रहा है। ये (एनडीए नेता) लोकतंत्र को नष्ट कर रहे हैं।”आरजेडी के कई नेताओं और विधायकों ने तेजस्वी यादव वाले पुलिस वाहन पर चढ़कर विरोध जताया। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने पीटीआई से कहा, “तेजस्वी यादव को हिरासत में नहीं लिया गया। उन्हें और कई अन्य नेताओं को पुलिस वाहन में बिहार लोक भवन ले जाया गया। हालांकि, कुछ अन्य इंडिया ब्लॉक नेताओं को मौके से हिरासत में लिया गया।”तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया, “ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए हर जगह बैरिकेड लगा दिए गए हैं। प्रशासन चाहे जितनी कोशिश कर ले, लोग ‘वोट चोरों’ को सजा जरूर देंगे। इन लोगों ने लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ किया है और इसे खत्म करने की साजिश रची है।” उन्होंने दावा किया कि प्रशासन पूरी तरह डरा हुआ है क्योंकि सत्ता में बैठे लोग धोखाधड़ी और वोट चोरी करके आए हैं।
विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा
कांग्रेस के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने राष्ट्रपति से समय मांगने की खबर की पुष्टि करते हुए कहा, जी हां, हमने भारत के राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए अनुरोध किया है। पहला अनुरोध पत्र 2 अक्टूबर को भेजा गया था। उसके बाद राष्ट्रपति भवन कार्यालय ने हमें नामों की सूची देने को कहा। उसके बाद, 5 अक्टूबर को हमने सभी भारत गठबंधन नेताओं के नामों के साथ फिर से अनुरोध किया। हमने 7, 8 और 9 तारीख के लिए समय मांगा था। आज 8 तारीख है। हम कल तक इंतजार करेंगे। अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।
यूपी, महाराष्ट्र, बंगाल में सीजेपी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां
कॉकरोच जनता पार्टी के नेता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और बंगाल में हमारे हजारों वॉलंटियर्स को इस आधार पर हिरासत में लिया गया है कि वे 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की योजना बना रहे थे। कोलकाता में, अब्दुल और उनकी टीम को सादे कपड़ों में आए लोगों ने उठा लिया और अज्ञात स्थानों पर ले गए हैं। ये राज्य पूरी तरह से अपराध मुक्त हो चुके हैं, इसलिए पुलिस शांतिपूर्ण छात्रों को हिरासत में लेने में व्यस्त है। रांका ने सोशल मीडिया पर लिखा- करो, कितने लोगों को गिरफ्तार करोगे? 2.5 करोड़ तिलचट्टे हैं।
बुधवार को लंच के बाद निकला था बस मार्च
बुधवार को मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिल्ली के जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्तरां में इंडिया गठबंधन के सांसदों के लिए लंच आयोजित किया था। इसके बाद राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद तीन बसों में सवार होकर जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए थे। विपक्षी नेताओं की योजना चुनाव आयोग तक पहुंचकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों से मिलने की थी। लेकिन जंतर-मंतर से करीब एक किलोमीटर पहले पुलिस ने रास्ता रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई। बसों के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी पैदल चल रहे थे। कुछ कांग्रेस सांसद बसों की छत पर चढ़ गए और हाथों में तिरंगा लेकर नारेबाजी की। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की और राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया।
ज्ञानेश कुमार का राष्ट्रव्यापी विरोध: विपक्ष के राजघाट जाने पर रोक, हम दिल्ली में कहीं भी प्रदर्शन नहीं होने देंगे: पुलिस
