नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) । कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अब ‘वोट चोरी’ की पूरी प्रक्रिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अलग-अलग भूमिका होने का दावा किया है। राहुल ने कहा कि ज्ञानेश कुमार वोट चोरी को लागू करते हैं, अमित शाह उसको ऑपरेशनलाइज करते हैं और प्रधानमंत्री मोदी इसकी पूरी योजना बनाते हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस इस मामले में जवाबदेही तय कराएगी और न्याय दिलाकर रहेगी।
राहुल गांधी ने रविवार को दक्षिण गोवा के मडगांव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह बनाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी। राहुल गांधी ने अपने भाषण में कथित वोट चोरी को लेकर तीनों नेताओं की भूमिका अलग-अलग बताई। उन्होंने कहा, ज्ञानेश कुमार वोट चोरी को लागू करते हैं। अमित शाह वोट चोरी का संचालन करते हैं और नरेंद्र मोदी पर्दे के पीछे से इसकी पूरी योजना बनाते हैं। राहुल ने आरोप लगाया कि इस तरह मतदाताओं के अधिकारों पर हमला किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वोटों की कथित चोरी केवल चुनावी प्रक्रिया का मामला नहीं है, बल्कि यह संविधान और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों से भी जुड़ा हुआ है। कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी इस कथित गड़बड़ी को स्वीकार नहीं करेगी। उनके मुताबिक़ कांग्रेस संविधान की रक्षा करने और लोकतांत्रिक अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए लड़ती रहेगी।
वोट चोरी पर अवमानना केस क्यों नहीं करती बीजेपी?
राहुल ने यह भी सवाल उठाया कि उनके ख़िलाफ़ 45 से ज़्यादा मानहानि के मामले होने के बावजूद कथित वोट चोरी के आरोप पर उनके ख़िलाफ़ कोई विशेष मामला क्यों दर्ज नहीं किया गया। उनके मुताबिक़ इसकी वजह यह है कि बीजेपी के नेता इस मुद्दे पर कानूनी तौर पर फंसने से डरते हैं। उन्होंने कहा, मेरे ऊपर 45 से ज़्यादा मानहानि के केस हैं। अमित शाह, नरेंद्र मोदी और दूसरे लोगों ने मेरे ख़िलाफ़ केस किए हैं। इसके बावजूद मैं हर मौक़े पर कहता हूँ कि नरेंद्र मोदी वोट चोरी करते हैं, लेकिन इस आरोप पर मेरे खिलाफ कोई केस नहीं किया गया। राहुल ने आगे दावा किया कि यदि उनके इस आरोप को लेकर मुकदमा दर्ज किया जाता है, तो मामला कानूनी प्रक्रिया में जाएगा और उससे कई सवाल उठेंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता इसलिए ऐसा मामला दर्ज कराने से बच रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि इससे एक व्यापक कानूनी प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जिसमें उन्हें भी जवाब देना पड़ सकता है।
‘मोदी सरकार की एक्सपायरी डेट आने वाली है’
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस जल्द ही दिल्ली में मोदी-शाह की राजनीति का मुकाबला करेगी। उन्होंने कहा, हम दिल्ली में कुछ ही समय के अंदर मोदी-शाह से निपट लेंगे। काम जारी है। मोदी सरकार की एक्सपायरी डेट आने वाली है। राहुल ने दावा किया कि कांग्रेस कथित वोट चोरी के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह बनाएगी और न्याय दिलाकर रहेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी संविधान की रक्षा करने की अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेगी। अपने भाषण में उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक दिन जवाब देना पड़ेगा और कांग्रेस इस मामले में न्याय के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
‘वोट चोरी संविधान पर हमला है’
राहुल गांधी ने कहा कि कथित वोट चोरी के जरिए संविधान और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा, वोट चोरी करके उन्होंने संविधान पर हमला किया है। उन्होंने हमारे पवित्र कर्तव्य पर हमला किया है और हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे। राहुल ने कांग्रेस को संविधान का रक्षक बताते हुए कहा कि पार्टी इस गड़बड़ी के खिलाफ लड़ती रहेगी। उनके मुताबिक़ मताधिकार केवल चुनाव में सरकार चुनने का अधिकार नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी का बुनियादी आधार भी है। कांग्रेस लंबे समय से आरोप लगाती रही है कि मतदाता सूचियों में बदलाव और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी कथित गड़बड़ियाँ चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती हैं। बीजेपी ने विपक्ष के इन आरोपों को खारिज किया है।
कांग्रेस की ‘गोय राखोण यात्रा’
राहुल गांधी रविवार को दक्षिण गोवा के मडगांव में कांग्रेस की ‘गोय राखोण यात्रा’ में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ करीब दो किलोमीटर पैदल यात्रा की और सभा को संबोधित किया। यात्रा का नाम कोंकणी भाषा के ‘गोय राखोण’ शब्दों से जुड़ा है, जिसका अर्थ गोवा की रक्षा करना या गोवा को बचाना है। राहुल गांधी ने इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय राजनीति के साथ-साथ गोवा की राज्य सरकार और वहां के प्रशासन पर भी सवाल उठाए। उनके भाषण में चुनावी प्रक्रिया, संविधान, शिक्षा और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे शामिल रहे।
गोवा सरकार पर भी भ्रष्टाचार का आरोप
राहुल गांधी ने गोवा में भ्रष्टाचार को लेकर भी राज्य सरकार पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार बहुत व्यापक है और गोवा को देश के सबसे भ्रष्ट राज्यों में से एक कहा जा सकता है। उन्होंने राज्य को भ्रष्टाचार का ‘मॉडल’ बताते हुए सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था और छात्र आंदोलनों के प्रति सरकारों के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत में कभी विश्वस्तरीय शिक्षा व्यवस्था हुआ करती थी, लेकिन अब छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पेलेट गन के इस्तेमाल जैसी घटनाएं सामने आती हैं। राहुल की इस टिप्पणी का संदर्भ छात्रों के विरोध प्रदर्शनों और उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई से था। उन्होंने शिक्षा और छात्रों के अधिकारों को लेकर मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई।
राष्ट्रपति से भी मिल चुका है विपक्षी गठबंधन
‘वोट चोरी’ को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों का चुनाव आयोग के साथ टकराव पहले भी सामने आ चुका है। इसी महीने इंडिया गठबंधन के नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी। विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई और कथित वोट चोरी के आरोपों की जांच कराने की मांग की।
एसआईआर पर क्यों है टकराव?
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के तहत मतदाता सूचियों की जांच और संशोधन किया जाता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची में नामों और विवरणों का सत्यापन करना है। लेकिन विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटने या उनके मतदान के अधिकार पर असर पड़ने का खतरा है। कांग्रेस ने मांग की है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पारदर्शी हो और किसी भी पात्र मतदाता का नाम ग़लत तरीक़े से नहीं हटाया जाए। राहुल गांधी ने इसी व्यापक विवाद को ‘वोट चोरी’ के आरोप से जोड़ते हुए सरकार और चुनाव आयोग की जवाबदेही की मांग की है।
वोट चोरी के प्लानर नरेंन्द्र मोदी, संचालन अमित शाह और लागू ज्ञानेश कुमार करते हैं: राहुल गांधी
