जल का विस्मरण : आधुनिकता, अहंकार और सूखती हुई धरती
– डॉ सत्यवान सौरभ नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) भारत के समकालीन संकटों में जल सबसे अधिक चर्चित है, पर सबसे कम समझा गया भी। सूखा, बाढ़, गिरता भूजल, प्रदूषित नदियाँ—इन सबको हम अलग-अलग घटनाओं की तरह देखते हैं, जबकि ये एक ही कहानी के अलग अध्याय हैं। यह कहानी प्राकृतिक आपदा की नहीं, बल्कि मानवीय विस्मृति…
