यूपीएससी सफलता और बनाई हुई कहानियाँ

(संघर्ष की कहानी या लोकप्रियता का कथानक?) कई अभ्यर्थी वास्तव में गाँवों या साधारण परिवारों से आते हैं और अपनी कहानी इसलिए साझा करते हैं ताकि दूसरे युवाओं को प्रेरणा मिल सके। भारत में ऐसे अनेक सफल अधिकारी हैं जिनकी जड़ें छोटे कस्बों और ग्रामीण परिवेश से जुड़ी रही हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती…

महिलाओं के लिए रोल माॅडल और प्रेरणा-स्रोत हैं विश्व बैंक की वरिष्ठ अर्थशास्त्री डॉ. एस. अनुकृति

       (8 मार्च — अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष)  (अपनी शिक्षा के दौरान भारत सरकार का नेशनल अवार्ड, अमेरिका की जीई फंड स्कॉलरशिप, विकरी और हैरिस अवार्ड तथा कोलंबिया विश्वविद्यालय की रिसर्च स्कॉलरशिप प्राप्त करने वाली डाॅ. एस. अनुकृति को वर्ल्ड इकोनॉमेट्रिक सोसाइटी का प्रथम यंग रिसर्चर अवार्ड भी प्राप्त हो चुका है। हार्वर्ड…

होली, बदलता समाज और मर्यादा की नई परिभाषाएँ

– डॉ. सत्यवान सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। होली केवल एक त्योहार नहीं, भारतीय समाज की सामूहिक चेतना का उत्सव है। यह रंगों का, उल्लास का, मन की गांठें खोलने का और रिश्तों में जमी धूल झाड़ने का अवसर है। किंतु समय के साथ हर परंपरा नए प्रश्नों के घेरे में आती है। आज जब…

होली पर “रंग बरसे चुनरवाली रंग बरसे” की धुन पर किन्नर समुदाय ने गीत-नृत्य से बांधा समां

फर्रुखाबाद।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। फागुन की मस्ती और रंगों के पर्व होली पर शहर का माहौल पूरी तरह रंगमय नजर आया। “रंग बरसे चुनरवाली रंग बरसे” की धुन पर किन्नर समुदाय के लोगों ने अपने पारंपरिक अंदाज में गीत और नृत्य प्रस्तुत कर लोगों को होली की बधाइयां दीं। उनके आगमन से बाजार और मोहल्लों में…

कन्नौज : राज्यमंत्री ने बच्चों संग जगाया स्वावलंबन और स्वच्छता का संस्कार

-मानीमऊ कंपोजिट विद्यालय से दैनिक स्वच्छता का आह्वान, विद्यालयों को दी गई स्वच्छता किट बृजेश चतुर्वेदी कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो)।  होली के पावन पर्व से पहले स्वच्छता और स्वावलंबन का संदेश देते हुए कन्नौज के मानीमऊ स्थित कंपोजिट विद्यालय में शनिवार को स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने…

फीके पड़ते रंग, टूटते रिश्ते

(जब होली सिर्फ़ त्योहार नहीं, अपनापन हुआ करती थी)  कभी होली केवल रंगों का नहीं, रिश्तों का उत्सव हुआ करती थी। फाल्गुन आते ही मोहल्लों में गीत गूँजते थे, बच्चे टोली बनाकर रंग खेलते थे और बड़े दिल खोलकर गले मिलते थे। आज वही होली औपचारिक संदेशों और सीमित दायरों में सिमट गई है। तकनीक…

न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की चर्चा : सत्य का आईना या संस्था की गरिमा पर प्रहार?

– डॉ. प्रियंका सौरभ  नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। न्यायपालिका भारत के लोकतंत्र का संरक्षक स्तंभ है, जो संविधान की रक्षा करता है और नागरिकों को न्याय का आश्वासन देता है। लेकिन हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एनसीईआरटी की कक्षा आठवीं की सोशल साइंस किताब पर सख्त रुख अपनाते हुए छपाई, वितरण और वितरण…

होली दिलों को जोड़ने और दूरी को मिटाने का सबसे रंगीन मौका

रंग जो दिलों तक उतर जाएँ – डॉ. प्रियंका सौरभ  नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। भारत की सांस्कृतिक परंपरा में होली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और मानवीय संबंधों का जीवंत उत्सव है। यह वह अवसर है जब रंगों के बहाने मन के भीतर जमी धूल को झाड़ने, रिश्तों में आई दरारों को भरने…

सोशल मीडिया पर रील और शराब से दूरी बनाए आज का युवा, शरीर बनाने को दें प्राथमिकता

‘‘एसआरएस ग्लोवल स्कूल पहुंचे डब्लूडब्लूई के पहलवान दिलीप सिंह राणा उर्फ ग्रेट खली की बच्चों को नसीहत’’‘‘खेल को खेल भावना से खेलें विधार्थी : मंत्री जयवीर सिंह’’ फर्रुखाबाद।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। शहर के गंगा दरवाजा स्थित एसआरएस ग्लोवल स्कूल गंगादरबाजा में आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में पंहुचे डब्लूडब्लूई के पहलवान दिलीप सिंह…

विधायकों के टेलीफोन भत्ते : फिजूलखर्ची या जनसंपर्क की अनिवार्यता?

(जब 300–400 रुपये में अनलिमिटेड कॉल और डेटा संभव, तो जनप्रतिनिधियों के लिए इतना बड़ा भत्ता क्यों?)  -डॉ. सत्यवान सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों को मिलने वाली सुविधाएं हमेशा चर्चा और बहस का विषय रही हैं। वेतन और भत्तों का मूल उद्देश्य यह माना जाता है कि निर्वाचित प्रतिनिधि आर्थिक…