माँ-बाप की नीयत, परवरिश और टूटते घर – डॉ. प्रियंका सौरभ
नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो) भारतीय समाज में माता-पिता को सर्वोच्च नैतिक स्थान प्राप्त है। उन्हें त्याग, तपस्या और निस्वार्थ प्रेम का प्रतीक माना जाता है। बचपन से ही यह सिखाया जाता है कि माँ-बाप कभी गलत नहीं हो सकते। उनकी हर बात आदेश है, हर निर्णय अंतिम सत्य। लेकिन बदलते सामाजिक परिदृश्य में यह…

