‘‘आध्यात्मिक ऊर्जा का परम स्रोत है स्वामी विवेकानंद : ईश्वरदास ब्रह्मचारी‘‘
फर्रुखाबाद।(आवाज न्यूज ब्यूरो) अमर ज्योति सेवा संस्थान के बैनर तले स्वामी विवेकानंद जयंती के मौके पर विवेकानंद वाटिका पांचाल घाट पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता दुर्वासा ऋषि आश्रम के महंत 11 ब्रह्मचारी महाराज ने की। अतिथि के तौर पर अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य, सुखराम पाण्डेय व अन्य महात्मा रहे।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के विभिन्न प्रतियोगिता में जिसमें स्वामी जी के जीवन से संबंधित निबंध क्विज इतिहास की प्रतियोगिताओं के विजेता बच्चों को सुरक्षित किया गया। वह भागीदारी करने वाले सभी बच्चों को स्वामी जी का चित्र देकर उन्हें सम्मानित किया गया। इस दौरान हुए विशाल भंडारे में सैकड़ो की तादाद में लोगों ने प्रसादू ग्रहण किया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ इसके बाद विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से सभी का मनमोह लिया।
मुख्य अतिथि सुखद राम पांडेय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का चरित्र वर्तमान में युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके जीवन के बारे में अध्ययन करना चाहिए और उसका आचरण करना समय की मांग है। स्वामी जी का नाम ही नई ऊर्जा का संचार कर देता है।
विशिष्ट अतिथि विधायक सुशील शाक्य ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने विश्व में सनातन की स्थापना के लिए ऐतिहासिक कार्य किया। आज भारत का विश्व में जो स्थान है उसमें स्वामी विवेकानंद का भारी योगदान है। तत्कालीन समय पर जब भारत विश्व से परिचित तक नहीं था। उस समय पर इस युवा संन्यासी ने शिकागो में अपने भाषण के बाद भारत को विश्व बादल पर स्थापित कर दिया था। वह ऊर्जा के स्रोत हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ईश्वरदास ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि स्वामी विवेकानंद गुरु तत्व के रूप में हम सभी में विद्यमान हैं। सनातन धर्म के सनातन धर्म की रक्षा करने की ऊर्जा हमें स्वामी विवेकानंद से मिलती है। उन्होंने नई ऊर्जा का प्रवाह किया था। संस्था के महासचिव प्रमोद तिवारी ने आए हुए सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया और आगे भी सहयोग देते रहने की कामना की। कार्यक्रम का संचालन वैभव सोमवंशी ने किया। इस अवसर पर राम जी वाजपेई एडवोकेट, विष्णु नारायण दीक्षित, अखिलेश दीक्षित, राजेश तिवारी नवल किशोर आदेश तिवारी समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं साधु संतों का कल्पवासी व साधारण ने भागीदारी की।
युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है स्वामी विवेकानंद का चरित्र

