बेटी नहीं बचाओगे, तो बहू कहाँ से लाओगे?

 बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम ने बेटे को प्राथमिकता देने के मुद्दे पर सफलतापूर्वक जागरूकता बढ़ाई है, लेकिन अपर्याप्त कार्यान्वयन और निगरानी के कारण, यह अपने वर्तमान स्वरूप में अपने मुख्य लक्ष्य को प्राप्त करने में विफल रहा है। 22 जनवरी, 2015 को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी, जिसका उद्देश्य…

नई कृषि योजना से किसान हो पायेगा धन-धान्य पूर्ण?

बजट में प्रत्यक्ष सब्सिडी की तुलना में वित्तीय सहायता को अधिक प्राथमिकता दी गई है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि किसानों को सामान्य सब्सिडी के बजाय फसल-विशिष्ट और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के आधार पर अनुरूप सहायता मिले। डिजिटल सलाहकार सेवाओं और मृदा स्वास्थ्य निगरानी के माध्यम से धान किसानों के लिए लक्षित सहायता के परिणामस्वरूप…

हिंदी लेखकों का अनूठा सम्मान : ‘जिला नज़र’ ने प्रकाशित किया विशेष कैलेंडर

2025 के कैलेंडर में प्रसिद्ध लेखक डॉ. सत्यवान सौरभ और प्रियंका सौरभ के चित्रों को उनके नाम सहित शीर्ष पर प्रकाशित कर एक विशेष सम्मान प्रदान किया है। लेखक सम्मान की इस अनूठी परंपरा से हिन्दी साहित्य और लेखन के क्षेत्र में समर्पित रचनाकारों को प्रेरणा मिलेगी। आगरा/हिसार।  (आवाज न्यूज ब्यूरो)  हिन्दी भाषा और लेखन के…

डीएसओ सुरेन्द्र यादव ने घटतौली व अपमिश्रण के चलते पेट्रोल पंपो पर मारा छापा

फर्रुखाबाद। (आवाज न्यूज ब्यूरो) पेट्रोल पंपो पर घटतौली एंव अपमिश्रण के चलते आज छापेमारी अभियान चलाया गया। जिसके अंतर्गत डीएसओ सुरेन्द्र यादव ने टीम के साथ तीन पेट्रोल पंपो छापा मारा। जिसमें कुछ अनिमित्तायें पाई है।बतादें कि आज जिला पूर्ति अधिकारी सुरेन्द्र यादव घटतौली एंव अपमिश्रण के चलते फर्रुखाबाद क्षेत्र नेकपुर कला स्थित कौशली फिलिंग…

समाज के वंचित वर्ग को भी मिले पीने को दूध

समान दूध की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए नीतिगत उपाय सबसे पहले आते हैं। पोषण कार्यक्रमों में सुधार जैसे प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण और एकीकृत बाल विकास सेवा जैसी योजनाओं के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाएँ, जो स्कूल के भोजन और घर ले जाने वाले राशन में दूध की आपूर्ति करती हैं। कर्नाटक और गुजरात जैसे…

चिंताजनक है बच्चों के साथ समय न बिताना

बात करना बहुत ज़रूरी है, साथ ही ज़रूरत पड़ने पर दयालु होना भी ज़रूरी है। जितना हो सके अपने बच्चे को अपने काम में शामिल करने की कोशिश करें। उन पर ध्यान दें और उनकी पसंदीदा गतिविधियों में शामिल हों; इससे आप दोनों के बीच नज़दीकियाँ बढ़ेंगी। बच्चे स्वाभाविक रूप से अपने माता-पिता का ध्यान…

बजट 2025 : मध्यम वर्ग के लिए बड़ी सौगात

केंद्रीय बजट 2025 ऐसे महत्त्वपूर्ण समय पर आ रहा है, जब भारत की आर्थिक वृद्धि चार वर्षों में अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई है। अमेरिकी टैरिफ के खतरों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों सहित वैश्विक अनिश्चितताएँ नई चुनौतियाँ पैदा कर रही हैं। जवाब में, बजट ने अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने की योजना की रूपरेखा…

सामाजिक नैतिकता को दीमक सरीखा चाट रहा एकल परिवारों का चलन 

 बढ़ते एकल परिवारों ने हमारे समाज का स्वरूप ही बदल दिया। आजकल के बच्चों को वो संस्कार और अनुशासन नहीं मिल रहे है जो उन्हें संयुक्त परिवारों से विरासत में मिलते थे, और इसी का परिणाम है कि समाज में परिवारों का टूटना, घरेलू हिंसा, असुरक्षा की भावना, आत्महत्या, बलात्कार , अपहरण आदि सामाजिक समस्याओें…

आर्थिक सुरक्षा की गारंटी दे पायेगी एकीकृत पेंशन योजना? 

 यूपीएस में स्विच करना एक बार तय हो जाने के बाद अंतिम और बाध्यकारी माना जाता है। यूपीएस को पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) द्वारा जारी किए गए विनियमों के माध्यम से संचालित किया जा सकता है। 1 अप्रैल, 2025 वह तारीख है जिस दिन एकीकृत पेंशन योजना लागू होगी। यूपीएस के तहत…

प्रयागराज भगदड़ : प्रशासनिक लापरवाही या भक्तों का उन्माद।

एक पौराणिक शहर की सीमाओं पर विचार करना चाहिए, जिसे अपनी धार्मिक विरासत को बनाए रखते हुए आठ करोड़ लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया है। दस लोगों के लिए डिज़ाइन की गई जगह में सौ लोग कैसे रह सकते हैं? यह विचार करने के लिए एक महत्त्वपूर्ण मुद्दा है। इसके अलावा,…