स्कूल छोड़ती बेटियाँ : संसाधनों की कमी या सामाजिक चूक?

(“बेटियाँ क्यों छोड़ रही हैं स्कूल? सवाल सड़कों, शौचालयों और सोच का है” “39% लड़कियाँ स्कूल से बाहर: किसकी जिम्मेदारी?” “‘बेटी पढ़ाओ’ का सच: किताबों से पहले रास्ते चाहिए”)  राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट ने चौंकाने वाला सच उजागर किया है कि 15 से 18 वर्ष की उम्र की लगभग 39.4% लड़कियाँ स्कूल से बाहर…

दुष्कर्मियों को संरक्षण देना बंद करे भाजपा : कांग्रेस

‘‘लगातार बढ़ रहा दुष्कर्म का आकड़ा, सरकार नाकाम‘‘‘‘पुलिस न्याय की मांग को कुचलने की कोशिश कर रही‘‘नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर दुष्कर्मियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा है कि जहां-जहां भाजपा सरकार है वहां दुष्कर्म का आंकड़ा बढ़ रहा है और भाजपा की सरकारें इन अपराधों को…

धनखड़ महज एक कठपुतली थे और कठपुतलियां इतिहास का हिस्सा नही बनती

बृजेश चतुर्वेदी  *नथिंग विल गो ऑन रेकॉर्ड…* नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। भूतपूर्व हो चुके उपराष्ट्रपति धनखड़ का इस्तीफा हुए हफ्ता भर बीता है, और वे भी भुलाये जा चुके। दुख की बात है, ऐसे उच्च संवैधानिक पद पर रहकर भी, किसी रिकार्ड बुक से धनखड़ का नाम खाली रहेगा।बड़ा ही छोटा कार्यकाल रहा। उनसे कम वक्त,…

भारत में चुनावी व्यवस्था अब समाप्त हो चुकी है : राहुल गांधी

‘‘लोकतंत्र में हर व्यक्ति बराबर होता हैः राहुल गांधी‘‘‘‘किसी को भी राजा बनाने की सोच सही नहीं‘‘नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)।  कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वार्षिक लीगल कॉन्क्लेव 2025 में उस वक्त कार्यकर्ताओं को टोक दिया, जब उन्होंने नारा लगाया – देश का राजा कैसा हो, राहुल गांधी जैसा हो। इस पर राहुल गांधी ने…

जेल की सलाखों के पीछे जाएगा पूर्व प्रधानमंत्री का पोता प्रज्वल रेवन्ना

‘‘सनकी यौन उत्पीड़क, 2 हजार से ज्यादा अश्लील वीडियो मिले थे मोबाइल में‘‘‘‘यौन उत्पीडऩ मामले में दोषी करार‘‘नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। कभी जनता दल (सेक्युलर) का युवा चेहरा कहे जाने वाले प्रज्वल रेवन्ना के भग्य का फैसला हो गया। न कोई भाषण, न कोई माइक, जेड प्लस का सुरक्षा चक्र भी नहीं आखिरकार सच की…

नौकरी लगते ही पतियों को छोड़ रही हैं आधुनिक औरतें

(रिश्तों की हत्या का आधुनिक ट्रेंड) नौकरी लगते ही पतियों को छोड़ रही हैं आधुनिक औरतें “रोज़गार मिला, रिश्ते छूटे,जिसने पढ़ाया, वही पराया हो गया” नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। विवाह अब त्याग और समर्पण की बजाय स्वार्थ और स्वतंत्रता की शरण में चला गया है। अनेक मामले सामने आ रहे हैं जहाँ पति ने पत्नी को…

एआई की छाया में सोच की समाप्ति?

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) ने हमारी सोचने, लिखने और सृजन करने की प्रक्रिया को तेजी से बदल दिया है। सुविधा के साथ-साथ यह हमारी मौलिकता और मानसिक सक्रियता को भी चुनौती दे रही है। एआई पर अत्यधिक निर्भरता से रचनात्मकता कम हो रही है, और सोचने की शक्ति निष्क्रिय हो रही है। यह लेख चेतावनी देता…

महाराजा संपादक : जब चौपाल बंद हो जाए और दरबार लगने लगे

“जनता की बात नहीं सुनते संपादक, फिर किसके लिए हैं अखबार?” जब लोकतंत्र का प्रहरी—संपादक—जनता से संवाद बंद कर दे और सत्ता का दरबारी बन जाए, तब पत्रकारिता दम तोड़ने लगती है। आज बड़े संपादक आम आदमी से कट चुके हैं, गाँव-कस्बों की आवाज़ें अखबारों में गुम हैं। संवाद की जगह प्रचार ने ले ली…

जब बच्चों की शिक्षा पर भारी पड़ता है पाखंड

भारत में बच्चों की शिक्षा को लेकर सबसे बड़ा संकट केवल गरीबी या संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि धार्मिक पाखंड है। कुछ स्वयंभू बाबाओं द्वारा शिक्षा को अपवित्र, स्त्रियों के लिए अनुपयुक्त और समाज विरोधी बताकर बच्चों को स्कूल से दूर रखा जाता है। यह प्रवृत्ति न केवल संविधान के विरुद्ध है, बल्कि समाज की…

रोज-रोज की धमकी के बावजूद निष्पक्ष काम करेंगे : चुनाव आयोग

नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए गए वोट चोरी के गंभीर आरोपों पर भारत निर्वाचन आयोग ने कड़ा जवाब दिया है। चुनाव आयोग ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना उनके बयान को “बेबुनियाद और गैर-जिम्मेदाराना” करार दिया है।चुनाव आयोग ने क्या कहा?चुनाव आयोग ने कहा, “रोज-रोज लगाए…