कन्नौज : काकोरी ट्रेन एक्शन का शताब्दी समारोह धूमधाम से सम्पन्न

बृजेश चतुर्वेदी कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो)।  काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी समापन समारोह का आयोजन विधायक तिर्वा कैलाश राजपूत एवं जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में सम्पन्न हुआ। विधायक, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0, ज्वांइट मजिस्ट्रेट ने संयुक्त रूप से  काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया।…

क्या सरकार की प्रताडऩा ने ली सत्यपाल मलिक की जान?

‘‘जम्मू कश्मीर के पूर्व गवर्नर का निधन‘‘‘‘किसान आंदोलन पुलवामा हमले, पेगासस जासूसी मुद्दे पर उन्होंने जो कुछ कहा, वह सत्ता के लिए राजद्रोह बन गया!‘‘‘नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। शिबू सोरेन की मौत की खबर से सन्न देश को एक और महान नेता की मौत की खबर ने हिला कर रख दिया है। जम्मू कश्मीर के…

महाराजा संपादक : जब चौपाल बंद हो जाए और दरबार लगने लगे

“जनता की बात नहीं सुनते संपादक, फिर किसके लिए हैं अखबार?” जब लोकतंत्र का प्रहरी—संपादक—जनता से संवाद बंद कर दे और सत्ता का दरबारी बन जाए, तब पत्रकारिता दम तोड़ने लगती है। आज बड़े संपादक आम आदमी से कट चुके हैं, गाँव-कस्बों की आवाज़ें अखबारों में गुम हैं। संवाद की जगह प्रचार ने ले ली…

उधम सिंह सरदार : एक गोली, सौ सालों की गूंज

उधम सिंह: लंदन की अदालत में भारत की गरिमा का नाम उधम सिंह केवल एक क्रांतिकारी नहीं थे, बल्कि एक विचार थे—संयम, संकल्प और सत्य का प्रतीक। जलियांवाला बाग़ के नरसंहार का प्रत्यक्षदर्शी यह वीर 21 वर्षों तक चुपचाप अपने मिशन की तैयारी करता रहा और लंदन जाकर ओ’डायर को गोली मारकर भारत का प्रतिशोध…

डिग्रियों की दौड़ में दम तोड़ते सपने  संभावनाओं की कब्रगाह बनते संस्थान

(जब शिक्षा डर बन जाए)   *संस्थाएं डिग्रियां नहीं, ज़िंदगियां दें — तभी शिक्षा का अर्थ है*  भारत में शिक्षा संस्थान अब केवल डिग्रियों की फैक्ट्री बनते जा रहे हैं, जहां बच्चों की संभावनाएं और संवेदनाएं दोनों दम तोड़ रही हैं। कोटा, हैदराबाद, दिल्ली जैसे शहर आत्महत्या के आंकड़ों से दहल रहे हैं। यह संकट केवल…

अंतरिक्ष में भारत की उड़ान : विज्ञान, साहस और आत्मनिर्भरता की नई परिभाषा

-डॉ.सत्यवान सौरभ (स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार) नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। मानव इतिहास की परिधि पर जब भी कोई नया चक्र उभरता है, तो उसमें विज्ञान, कल्पना और आत्मबल की त्रयी सबसे महत्वपूर्ण होती है। भारत की अंतरिक्ष यात्रा, जो एक समय टिन के डब्बों में साइकिलों पर रॉकेट लेकर चलने से शुरू हुई थी, आज न…

मिशन पूरा कर धरती पर लौटे कैप्टन शुभांशु शुक्ला

‘‘मां बोलीं- शब्दों में बयान नहीं कर सकती ये खुशी‘‘लखनऊ।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। भारतीय सेना के ग्रुप कैप्टन लखनऊ निवासी शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से अपना मिशन पूरा कर वापस लौट आए हैं। मंगलवार को अपराह्न तीन बजे उनका यान कैलीफोर्निया के तट पर उतरा। अंतरिक्ष यान के सकुशल लैंड करते ही उनके माता-पिता भावुक…

संजय गांधी और मारुति सुजुकी

नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। ऐसी जानकारी जो बहुत कम लोगों को है। 1970 के दशक में भारत में कारें केवल अमीरों की पहुंच में थीं। फिएट और एम्बेसडर जैसी कारें न सस्ती थीं, न किफायती। इसी दौर में संजय गांधी, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे, ने एक सपना देखा हर भारतीय परिवार के…

अच्छी खबर : अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना हुए शुभांशु शुक्ला

लखनऊ। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। एक्सिओम-4 मिशन पर जा रहे अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों ने अपने बेटे की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है। कहा कि हमें अपने बेटे पर नाज है, उसकी वजह से आज हमारा सीना गर्व से चोड़ा है। शुभांशु शुक्ला के पिता बताते हैं…

नेताओं की देशभक्ति की अग्निपरीक्षा, सेना में बेटा भेजो, पेंशन लो!

भारत में एक बार विधायक या सांसद बन जाना आजीवन पेंशन की गारंटी बन चुका है, चाहे उनका संसदीय रिकॉर्ड शून्य क्यों न हो। वहीं, सीमाओं पर तैनात सैनिक हर रोज़ जान जोखिम में डालते हैं, लेकिन उनके परिवारों को न्यूनतम सुविधाएं भी संघर्ष से मिलती हैं। सवाल उठता है – क्या नेताओं की देशभक्ति…