राहुल गांधी ने पहलगाम हमले की अमित शाह से ली जानकारी

नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) जम्मू कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में 30 से ज्यादा लोगों के मरने की संभावना जताई जा रही है। निहत्थे सैलानियों पर इस तरह के कायरतापूर्ण हमले के बाद आज दिल्ली में सीसीएस की मीटिंग की जानी है। वहीं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर…

सत्ता, शहादत और सवाल: जलियांवाला बाग की आज की प्रासंगिकता

जलियांवाला बाग हत्याकांड (1919) केवल ब्रिटिश अत्याचार का प्रतीक नहीं, बल्कि आज के भारत में सत्ता और लोकतंत्र के बीच जटिल रिश्ते का प्रतिबिंब भी है। जनरल डायर द्वारा किए गए नरसंहार ने स्वतंत्रता संग्राम को दिशा दी, लेकिन यह भी सिखाया कि जब सत्ता निरंकुश हो जाए और जनता मौन, तो इतिहास रक्त से…

किसी भी न्याय प्रणाली को तभी सशक्त माना जाएगा जब वह वास्तव में समावेशी हो : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि अपराधियों में पकड़े जाने और सजा मिलने का डर तथा आम लोगों में न्याय मिलने का भरोसा सुशासन की पहचान है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी न्यायिक प्रणाली को तभी सशक्त माना जाएगा जब वह वास्तव में समावेशी हो। उन्होंने…

भाषा और पठन-पाठन की बेहतर समझ की ओर बढ़ता ‘निपुण भारत’

हालिया वार्षिक शिक्षा स्थिति रिपोर्ट 2024 में कहा गया है कि ग्रेड III के विद्यार्थियों ने अपने पढ़ने के कौशल (24% से 34%) और घटाव के कौशल (29% से 41%) में सुधार किया है। श्रगतिका घोष जैसे युवा पाठक इस बात के उदाहरण हैं कि कैसे जीवंत और प्रासंगिक कार्यपुस्तिकाओं को अपनाने से ओडिशा में…

महामारी में राज्य सरकारों की स्वास्थ्य सेवाएं कमजोर क्यों? 

भारत को स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक अंतर-सरकारी संगठन की तत्काल आवश्यकता है, क्योंकि अनेक स्वास्थ्य क्षेत्रों का तेजी से वैश्वीकरण हो रहा है तथा समकालीन प्रौद्योगिकियों का प्रभाव बढ़ रहा है, जो स्वास्थ्य रणनीतियों को बदल रहे हैं। एक ऐसा संगठन जो संघीय सरकार तथा राज्यों के बीच समन्वय में सुधार करने में सक्षम…

गणतंत्र के 76 साल : हमने क्या खोया और क्या पाया

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से भारत ने अनेक क्षेत्रों में प्रगति की है। भारत ने साहित्य, खेल, कृषि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहित कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। भारत ने अपनी विविध संस्कृति को संरक्षित करते हुए उसे गहरा अर्थ दिया है। भारत विकास में आगे बढ़ गया है। सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, सैन्य, खेल…

रिटायर्ड अफ़सरों के बोझ तले दबा आरटीआई का ढाँचा

सेवानिवृत्त अधिकारी उन विभागों के खिलाफ निर्णय लेने में संकोच कर सकता है, जिनके लिए उन्होंने कभी काम किया था, जिससे समझौतापूर्ण फैसले होते हैं। पारदर्शिता में विशेषज्ञता की कमी एक बड़ा मुद्दा है। सेवानिवृत्त सिविल सेवकों में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक विशेष ज्ञान की कमी हो सकती है, जो आरटीआई अधिनियम…

स्वस्थ प्रतिस्पर्धा न होने से डिजिटल लेनदेन का जोखिम

केवल दो प्रमुख खिलाड़ियों के वर्चस्व वाला बाजार स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में बाधा डालता है, उभरते बाजार में प्रवेश करने वालों द्वारा नवाचार और नई सुविधाओं या भुगतान सेवाओं के विकास को हतोत्साहित करता है। फोनपे और गूगल पे की बाजार में जबरदस्त मौजूदगी ने पेटीएम जैसे छोटे प्रतिस्पर्धियों के लिए विकास करना और बाजार में…

आखिर क्यों नहीं थम रहा रुपये में गिरावट का सिलसिला

निर्यात की तुलना में आयात में वृद्धि के कारण व्यापार घाटा बढ़ने से विदेशी मुद्रा का बहिर्वाह बढ़ता है, जिससे रुपया कमजोर होता है। कच्चे तेल और सोने के बढ़ते आयात के कारण 2022 में भारत का रिकॉर्ड व्यापार घाटा रुपये के मूल्यह्रास को बढ़ाता है। भारतीय रुपये में गिरावट बाहरी क्षेत्र की कमज़ोरियों के…