पीडीए एकता से भाजपा में बेचैनी : रच रही जातीय हिंसा की कुटिल साजिश : उर्मिला राजपूत

फर्रुखाबाद। (आवाज न्यूज ब्यूरो)।  सपा सुप्रीमो के निर्देश पर समाजवादी पार्टी इन दिनों पूरे प्रदेश में बूथ स्तर पर पीडीए जन पंचायतों का आयोजन कर रही है। इसी क्रम में जिला संगठन फर्रुखाबाद द्वारा 195 विधानसभा भोजपुर के ग्राम इन्दरपुर, नगला भूड़, ईशेपुर, बलरामपुर, रैशेपुर एंव नकटपुर में पीडीए जन पंचायतों का आयोजन किया गया, उपरोक्त कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत उपस्थित रहीं। उन्होंने ग्रामीणों से समस्याएँ पूछीं, ग्रामीणों एंव कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न तरीकों से सरकार पर उत्पीड़न और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया, जिस पर उन्होंने कहा कि उत्पीड़न करने बाले ये ध्यान रखें कि सरकारें आती जाती रहतीं हैं यही जनता है जो एक साधारण से व्यक्ति को सरताज बना देती है और जब सरकार के संरक्षण में गुण्डई होने लगती है तो यही जनता एक झटके में उस सरकार को उखाड़ कर फेंक देती है।
आज समूचे प्रदेश में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में पीडीए सशक्त होकर धीरे-धीरे एक राजनैतिक आंदोलन का आकार लेता जा रहा है, जिसकी बानगी 2024 के लोकसभा आम चुनाव के परिणाम स्वरूप सबके सामने हैं। पीडीए परिवार की एकता से सत्तारूढ़ भाजपा बुरी तरह घबराई हुई है, इसीलिए ये मायावी लोग प्रदेश में जातीय हिंसा की कुटिल साज़िश रच रहे हैं, हम सभी को बहुत ही सावधान रहने की आवश्यकता है और पूरे पीडीए परिवार को समय आने पर वोट की चोट से इन अंहकारी लोगों को जवाब देना है। आज पूरे प्रदेश का युवा, व्यापारी, किसान, मजदूर, गरीब, पिछड़े, दलित, शोषित, वंचित, अल्पसंख्यक सहित समाज का हर वर्ग व्यक्ति इस सरकार से पीड़ित है, ये गूंगे बहरे लोगों की सरकार जाति-वादी रवैये और भ्रष्टाचार की बुनियाद पर खड़ी है, समाज में तोड़फोड़ करके समाज को बांटकर सत्ता तक पहुँचना ही भाजपा का एकमात्र उद्देश्य है। गरीब परिवारों की चिंता, बच्चों की शिक्षा, अच्छी स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रदेश के विकास से इस सरकार का दूर-दूर तक कोई रिश्ता नहीं है।
आज भाजपा के कुशासन में आजादी के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या अनुपात में बेरोजगारी बढ़ी है, प्रदेश का पढ़ा-लिखा बेरोजगार युवा दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है, रोजगार के नाम पर ये सरकार पेपर लीक अनुस्मारक बन चुकी है। महिलाओं पर अत्याचार के मामलों में आज उत्तर प्रदेश पूरे देश में नम्बर पर पहुँच चुका है जिसका खुलासा उनके खुद के दूसरे इंजन की सरकार केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी एनसीएबी की रिपोर्ट कर रही है। गरीबी हटाने के झूठे ऑकड़े पेश करने बाली मोदी सरकार के ही एक वरिष्ठ मंत्री नितिन गडकरी ने स्वंय अभी दो दिन पहले ही कहा है कि देश में गरीबों की संख्या लगातार बढ़ रही है और पूरे देश की पूंजी का चंद लोगों के हाथ में केन्द्रीय करण होता जा रहा है। हम सभी देख रहे हैं कि कैसे पूरे देश के सरकारी संस्थानों को अपने मित्र उद्योगपतियों को औने-पौने दामों में सौंपा जा रहा है। जनता सब देख और समझ रही है लेकिन इनको अहसास नहीं हो रहा है, क्योंकि जनता ही जनार्दन है और जनार्दन कहते हैं भगवान को और भाजपा ये जान ले कि भगवान 99 गलतियाँ तो माफ कर देते हैं लेकिन 100वीं गलती होते ही चक्र सुदर्शन चल जाता है, ठीक उसी प्रकार भाजपा सरकार प्रदेश में लगभग 5000 विद्यालय बंद करके गरीब बच्चों को शिक्षा से दूर करने की 100वीं गलती पूर्ण कर चुकी है, अब समय आने पर ये जनता जनार्दन अपना वोट रूपी सुदर्शन चलाएगी–और सत्ता में बैठे लोगों के अंहकार रूपी शिशुपाल को नष्ट कर देगी। दूसरों पर जातिवाद का आरोप लगाने बाले लोग ये बताएँ कि आज तहसील, थाने से लेकर जिले और प्रदेश स्तर तक हर महत्वपूर्ण पद पर किस जाति के लोग तैनात हैं ?
उन्होंने कहा कि आज आम जनमानस की न कोई कहने बाला है न कोई सुनने बाला। प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है और आने बाले समय में ये बदलाव होकर रहेगा 2027 में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीडीए जननायक माननीय श्री अखिलेश यादव जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में प्रचण्ड बहुमत से प्रदेश के हर व्यक्ति के हित में काम करने बाली समाजवादी सरकार बनेगी। इस मौके पर लोधी महासभा के संरक्षक रामगोपाल वर्मा, रामनिवास वर्मा, विजय सिंह पूर्व प्रधान, गोविन्द सिंह पूर्व प्रधान, जय नारायण वर्मा, भानुप्रताप यादव रामनिवास, सज्जन सिंह, कुंवरपाल सिंह, राजेन्द्र सिंह, अमर सिंह, अवधेश सिंह प्रधान, राधेश्याम, कुंवर सिंह, शिवनन्दन, लाखन सिंह अनन्तराम राजपूत, नन्ही देवी, सनोज कुमारी, आदि अन्य सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। यह जानकारी समाजवादी पार्टी के जिला सचिव/सह मीडिया प्रभारी राधेश्याम सविता ने मीडिया के साथ साझा की।