कन्नौज: डीएम ने दिए फाइलेरिया और संचारी रोग उन्मूलन के लिए प्रभावी अभियान के निर्देश

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज। ( आवाज न्यूज़ ब्यूरो )  जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में फाइलेरिया उन्मूलन, संचारी रोग नियंत्रण अभियान, नेशनल डि वार्मिग डे आदि के संबंध बैठक सम्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया जानलेवा नहीं है लेकिन यह प्रभावित व्यक्तियों एवं उनके परिवारों पर गंभीर सामाजिक और आर्थिक प्रभाव डालता है। फाईलेरिया उन्मूलन अभियान 10 अगस्त से 28 अगस्त 2025 तक चलेगा।

उन्होंने कहा कि बरसात के दिनों में मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है, जिसके कारण लोगों को मच्छर जनित रोग मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, जापानी इन्सेफेलाइटिस, जीका वायरस, चिकनगुनिया आदि का खतरा बढ़ जाता है। इन्हीं बीमारियों में से एक हैं लिंफेटिक फाइलेरियासिस या हाथीपांव जो लोगों को दिव्यांग बना सकता है। रोग से ग्रस्त हो जाने पर इसका सम्पूर्ण इलाज संभव नहीं है। लेकिन संक्रमित व्यक्ति लगातार 5 सालों तक डीईसी और एल्बेण्डाजोल की एक – एक गोली बिना लापरवाही किये ले, तो संक्रमण का फैलाव रुक जाता है। इस अभियान के सफल आयोजन के लिए 1094 सदस्यीय टीम का गठन किया गया हैं, जिनका 182 चिकित्सकों द्वारा सुपरविजन किया जायेगा।  

 जिलाधिकारी ने कहा कि फाईलेरिया की खुराक खिलाने के लिए तीन आयुवर्ग निर्धारित किया गया है। इसमें 2 से 5 वर्ष के बच्चों के लिए 1 एल्बेंडाजोल एवं 1 डीईसी की खुराक तथा 6 वर्ष से 14 वर्ष के बच्चों को 1 एल्बेंडाजोल एवं 2 डीईसी एवं 15 वर्ष के ऊपर वाले लोगों को 1 एल्बेंडाजोल एवं 3 डीईसी की दवा खिलाई जाएगी। दवा खाने से पहले व्यक्ति खाली पेट नहीं रहे और दवा को चबा कर खाना है। 2 वर्ष से कम आयु के शिशु एवं गर्भवती महिलाओं को यह दवा नही खिलाई जायेगी। यह रोग क्यूलेक्स मच्छर से होता हैं, जो गंदगी में पनपते हैं। इसलिए यदि फाईलेरिया से बचना है तो अपने व्यक्तिगत साफ-सफाई पर खास ध्यान देना होगा। उन्होनें कहा कि टीम द्वारा प्रत्येक व्यक्ति को अपने सामने ही दवा खिलाना है, एम०डी०ए० राउंड के समय दवा किसी भी घर में देना नहीं है। यदि कोई व्यक्ति उस समय घर पर न हो, तो फिर से उस घर का पुनः भ्रमण कर, दवा खिलाना सुनिश्चित करें। 

उन्होनें कहा कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस जनपद कन्नौज के 3 ब्लॉक (गुगरापुर, छिबरामऊ, हसेरन) में दिनांक 11 अगस्त, (मॉप-अप दिवस 14 अगस्त 2025 ) को आयोजन किया जाना हैं। बच्चों में कृमि संक्रमण होने से उनके शारीरिक एवं बौद्विक विकास बाधित होता है। बच्चों को, पेट के कीडों की गोली (एल्बेन्डाजोल) खिलाने से एनीमिया में कमी, पोशण स्तर में वृद्वि के साथ ही शारीरिक एवं मानसिक विकास एवं अन्य बीमारियों से बचाने हेतु प्रतिरोधक क्षमता में वृद्वि होती है। 1-5 वर्ष तथा 6 से 19 वर्ष के स्कूल न जाने वाले सभी बच्चों को आंगनवाड़ी केन्द्रों पर आंगनवाड़ी कार्यकत्री द्वारा कृमि मुक्ति की गोलियाँ    (एल्वेन्डाजोल) निःशुल्क खिलाई जायेगी। इसी प्रकार 6-19 वर्ष तक के सभी छात्र -छात्राओं को स्कूलों में शिक्षकों द्वारा गोलियों (एल्वेन्डाजोल) खिलाई जायेगी।श्री अग्निहोत्री ने संचारी रोग नियंत्रण एंव दस्तक अभियान की समीक्षा करते हुये कहा कि संचारी रोगों से निपटने के लिये जिस विभाग को जो जिम्मेदारी दी गई हैं। वह अपनी जिम्मेदारियों का अःक्षरश पालन करें। 

बैठक मुख्य विकास अधिकारी रामकृपाल चौधरी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 स्वदेश गुप्ता आदि संबंधित चिकित्सक उपस्थित रहे