बाढ़ का खतरा बढ़ा, चेतावनी बिंदु से 78 सेमी. ऊपर बह रही, खतरे का निशान महज 72 सेंटीमीटर दूर
बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ताजा स्थिति में जलस्तर और बढ़ गया है जिससे बाड़ का खतरा मंडराने लगा है। बताया गया कि अब खतरे का निशान महज 59 सेंटीमीटर दूर रह गया है। ऐसे में प्रशासन पूरी तरह से चौकन्ना हो गया है। आसपास के गांव के लोगों से सावधान रहने को कहा गया है। बताते चलें कि पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में इस बार जमकर बारिश हो रही है। उधर, उत्तराखंड में बादल फटने को आफ़त के बाद से मैदानी इलाकों में बह रही नदियों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। रविवार की सुबह चौधरी चरण सिंह गंगा बीराज नरौरा से 3 लाख पांच हजार 41 क्यूसेक पानी और छोड़ा गया। इतना ही पानी शनिवार की सुबह भी छोड़ा गया था।
रविवार को जलस्तर और बढ़ गया था। सोमवार को नरौरा से 2 लाख 67 हज़ार क्यूसेक पानी और छोड़ा गया।शाम छह बजे यह 125.380 मीटर पर पहुंच गया जो कि खतरे के निशान 125.970 मीटर से मात्र 59 सेमी दूर है। वहीं चेतावनी बिंदु से 78 सेमी ज्यादा है। बताया गया कि रोज एक सेमी. प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही यहां भी बाढ़ के हालात पैदा हो सकते हैं। गंगा किनारे बसे गांवो कासिमपुर, बख्शीपुरवा और शेखनपुरवा के ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है जबकि प्रशासन की तरफ से बाढ़ राहत चौकियां बनाई गई है। प्रशासन की तरफ से योजना बनाई जा रही है कि जिस गांव में पानी पहले पहुंचेगा यहां के लोगों को सचेत किया जाए। आशंका है कि में उक्त तीनों गांवों में रात में पानी घुस सकता है।

