कन्नौज : रसोइयों के मानदेय भुगतान के लिए तत्काल मांगपत्र शासन को भेजें बीएसए: डीएम

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो)।  जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के शैक्षिक कार्यक्रमों, विद्यालयों की गुणवत्ता, सुविधाओं तथा प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि पी.एम. पोषण (मध्यान्ह भोजन) योजना के अंतर्गत कार्यरत 3,686 रसोइयों का मानदेय अगस्त 2025 तक भुगतान किया जा चुका है, शेष माह के मानदेय भुगतान हेतु बजट मांग-पत्र शासन को तत्काल प्रेषित किया जाए।

जिलाधिकारी ने सौरिख एवं हसेरन ब्लॉक में प्रेरणा ऐप पोर्टल पर बच्चों की डिजिटल उपस्थिति दर्ज कराने में लापरवाही पाए जाने पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सुधार होने तक संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन रोके जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपस्थिति दर्ज कराने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही निर्देशित किया कि निपुण लक्ष्य ऐप के माध्यम से सभी शिक्षक शत-प्रतिशत बच्चों का आकलन सुनिश्चित करें तथा जनपद के सभी विद्यालयों को शत-प्रतिशत निपुण विद्यालयों की श्रेणी में लाया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूल रेडीनेस फेज-1 कार्यक्रम जनपद के 641 को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों में 15 दिसम्बर 2025 से 31 मार्च 2026 तक संचालित होगा। यह कार्यक्रम आगामी शैक्षिक सत्र 2026-27 में कक्षा 1 में प्रवेश लेने वाले बच्चों को भाषा, अंकज्ञान एवं पर्यावरणीय अवधारणाओं से परिचित कराते हुए उन्हें औपचारिक शिक्षा के लिए सक्षम बनाने हेतु संचालित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार “हमारा आंगन – हमारे बच्चे” उत्सव कार्यक्रम का आयोजन भी दो चरणों में किया जाएगा, जिसमें ब्लॉक स्तर में 15 से 30 दिसम्बर 2025 तथा जनपद स्तर में 15 से 31 जनवरी 2026 तक होगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य निपुण भारत अभियान की अवधारणा को जन-जन तक पहुँचाना, आंगनवाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध कराई गई सुविधाओं—बालमित्र फर्नीचर, आउटडोर प्ले मैटेरियल, फीचर्स—की जानकारी समुदाय को देना तथा 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के सीखने में माता-पिता की भूमिका को मजबूत करना है। जिलाधिकारी ने इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश देते हुए कहा कि अभिभावकों को नामांकन एवं नियमित उपस्थिति के महत्व से अवगत कराया जाए तथा को-लोकेटेड केंद्रों पर तैनात एजूकेटर की भूमिकाओं की भी जानकारी सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के 66 विद्यालयों में से 13 विद्यालयों से हाई टेंशन लाइन हटाई जा चुकी है, जबकि शेष 53 विद्यालयों में कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने संबंधित को कार्य की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने हेतु भी निर्देशित किया।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामकृपाल चौधरी, जिला विकास अधिकारी नरेंद्र देव द्विवेदी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश वर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।