कन्नौज : सरदामई के किसानों के हाथों में आए भू-अभिलेख, किसानों के चेहरे खिले 

35 वर्ष बाद किसानों के हाथों में आए भू-अभिलेख, गांव में खुशी का महौल

 बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। जिले के ग्राम सरदामई में चकबन्दी कार्यवाही का आरम्भ वर्ष 1980 में धारा-4क(2) के अंतर्गत चकबन्दी निदेशालय की विज्ञप्ति संख्या 3986जी-3880, दिनांक 10 जुलाई 1980 के प्रकाशन से हुआ। इसके बाद वर्ष 1987 में ग्राम में कब्जा परिवर्तन किया गया। वर्ष 1990 में हुए अग्निकांड के कारण ग्राम के सभी मूल राजस्व अभिलेख पूरी तरह नष्ट हो गए, जिसके परिणाम स्वरूप चकबन्दी प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। आगे चलकर दिनांक 28 जनवरी 2009 को ग्राम सरदामई की चकबन्दी प्रक्रिया निरस्त कर दी गई। इसके पश्चात ग्राम को पुनः 23 सितम्बर 2016 को चकबन्दी प्रक्रिया में सम्मिलित किया गया।

जिलाधिकारी के सतत प्रयासों से पूर्व की धारा-6(1) एवं पुनः धारा-4(2) की कार्यवाही को 26 सितम्बर 2023 को निरस्त करते हुए, वर्ष 1980 की मूल धारा-4क(2) को पुनः बहाल किया गया। वर्ष 1990 के अग्निकांड में जले कुल 35 ग्रामों में से पूर्व में 4 ग्राम कृनन्दलालपुर, करनौली, उसमानपुर एवं कठिगराकृके आधार अभिलेख तैयार हो चुके हैं। अब जिलाधिकारी श्री आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, उप संचालक चकबन्दी श्री विजय कुमार मिश्र तथा बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी/ डिप्टी कलेक्टर अविनाश कुमार गौतम के मार्गदर्शन में ग्राम सरदामई के आधार अभिलेख भी सफलतापूर्वक तैयार कर ग्राम सरदामई के 200 किसानों के हाथों में भू-अभिलेख वितरित किए।

इस दौरान श्री गौतम ने कहा कि इन अभिलेखों के तैयार हो जाने से ग्रामवासियों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ 35 वर्षों के बाद अब प्राप्त होना प्रारम्भ हो जाएगा। साथ ही शेष ग्रामों में आधार अभिलेख तैयार कराने की प्रक्रिया भिन्न-भिन्न स्तरों पर प्रगति पर है।