अनियंत्रित होकर पलटा ओवरलोड बालू से लदा डंपर : बाल-बाल बचे चालक-परिचालक

फर्रुखाबाद।(आवाज न्यूज ब्यूरो) ढाई घाट शमशाबाद क्षेत्र में खनन के बाद बालू लेकर जा रहा एक ओवरलोड डंपर अनियंत्रित होकर पलट गया। गनीमत रही कि इस घटना में चालक व परिचालक बाल-बाल बच गए, अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
जानकारी के अनुसार ढाई घाट शमशाबाद में एक ठेकेदार के संरक्षण में चिन्हित स्थलों पर बालू खनन का कार्य धड़ल्ले से जारी है। बीते दिवस देर रात एक डंपर बालू खनन कर वापस जा रहा था। जैसे ही वह पुल के नजदीक कच्चे मार्ग से गुजर रहा था, तभी असंतुलित होकर सड़क किनारे पलट गया। डंपर के पलटते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन सौभाग्यवश चालक व परिचालक सुरक्षित बाहर निकल आए। गंगा कटरी क्षेत्र से जुड़े सूत्रों का कहना है कि रात के अंधेरे में खनन के बाद निकलने वाले अधिकांश डंपर ओवरलोड होते हैं। ये वाहन रात के समय ही अपने गंतव्य तक पहुंचा दिए जाते हैं ताकि किसी अधिकारी से सामना न हो सके। दिन में जहां प्रशासनिक गतिविधियां तेज रहती हैं, वहीं रात होते ही नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जाती हैं। सूत्रों के मुताबिक एक ओर जहां ट्रक व डंपर चालक ओवरलोड बालू लादकर अच्छी-खासी कमाई कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यह वाहन आम राहगीरों के लिए मौत का पैगाम बनते जा रहे हैं। गंगा कटरी क्षेत्र से निकलकर ये ओवरलोड डंपर मुख्य मार्गों से होते हुए थाना चौराहों तक गुजरते हैं, लेकिन अफसोस कि किसी जिम्मेदार अधिकारी की नजर इन पर नहीं पड़ती।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन्हीं ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। अब तक न जाने कितने लोग इनकी चपेट में आकर घायल हो चुके हैं और कई लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं। इतना ही नहीं, ओवरलोड वाहनों के आवागमन से सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार विभाग आंखों पर अनदेखी का चश्मा क्यों लगाए हुए हैं। जनता का आरोप है कि प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी चुपचाप तमाशबीन बना हुआ है। यदि समय रहते ओवरलोड खनन व परिवहन पर सख्ती नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में और भी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।