कामयाब रहा सांसद मुकेश राजपूत का प्रयास : गंगा-रामगंगा पर नए पुल निर्माण का प्रस्ताव वार्षिक योजना में शामिल

‘‘डॉ. राम मनोहर लोहिया के दौर में बने थे पुराने पुल’’
फर्रूखाबाद/नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। क्षेत्रीय सांसद मुकेश राजपूत के लगातार प्रयासों के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-730सी पर गंगा और रामगंगा नदियों पर नए पुलों के निर्माण का प्रस्ताव केंद्र सरकार की वार्षिक कार्ययोजना 2025-26 में शामिल कर लिया गया है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा 16 फरवरी 2026 को जारी पत्र में सांसद के 8 दिसंबर 2025 के पत्र का संदर्भ देते हुए स्पष्ट किया गया है कि पुल निर्माण का प्रस्ताव वार्षिक योजना में सम्मिलित है और वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसे स्वीकृत किया जाना लक्षित है। गौरतलब है कि फर्रूखाबाद से सांसद रहे प्रख्यात समाजवादी नेता डॉ. राम मनोहर लोहिया के कार्यकाल में ही गंगा और रामगंगा पर इन पुलों का निर्माण कराया गया था। उस समय देश के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू थे। उस दौर में इन पुलों का निर्माण क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना गया था, जिसने फर्रूखाबाद को प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दशकों तक इन पुलों ने व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक संपर्क को नई दिशा दी। समय के साथ यातायात का दबाव कई गुना बढ़ चुका है। भारी वाहनों की संख्या और लगातार उपयोग के कारण पुराने पुलों की क्षमता सीमित हो गई है। बरसात और बाढ़ के मौसम में जोखिम भी बढ़ जाता है। ऐसे में नए और आधुनिक पुलों की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। सांसद मुकेश राजपूत ने इस विषय को गंभीरता से उठाते हुए केंद्र सरकार से पत्राचार किया, जिसका परिणाम अब सामने आया है।
नए पुलों के निर्माण से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि व्यापार, कृषि परिवहन और स्थानीय उद्योगों को भी मजबूती मिलेगी। क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से यह कदम अहम माना जा रहा है। फर्रूखाबाद की जनता अब वित्तीय स्वीकृति और निर्माण कार्य की शुरुआत का इंतजार कर रही है। यदि प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ती है, तो यह परियोजना जनपद के लिए एक और ऐतिहासिक अध्याय साबित हो सकती है। ठीक वैसे ही जैसे डॉ. लोहिया के समय पुल निर्माण ने विकास की नई राह खोली थी।