बुजुर्ग दंपति की निर्मम हत्या : डीआईजी कानपुर जोन ने घटनास्थल का लिया जायजा

फर्रुखाबाद। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कूंचा में गुरुवार को हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड ने पूरे जनपद को झकझोर कर रख दिया। 70 वर्षीय पुरुषोत्तम कौशल और उनकी 65 वर्षीय पत्नी पुष्पा की उनके ही घर के भीतर निर्मम हत्या कर दी गई। वारदात की बर्बरता ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है।
विवरण के अनुसार हत्यारों ने पुरुषोत्तम कौशल के गले में बिजली का तार कसकर उनकी जान ले ली, जबकि उनकी पत्नी पुष्पा का गला दबाकर हत्या की गई। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में दहशत फैल गई और मौके पर भारी भीड़ एकत्र हो गई। पुलिस ने तत्काल पहुंचकर क्षेत्र को सील किया और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच के दौरान डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। घर के भीतर सामान बिखरा मिला, जिससे प्रथम दृष्टया लूटपाट की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। शुक्रवार को कानपुर जोन के पुलिस उपमहानिरीक्षक हरीश चंद्र स्वयं कायमगंज पहुंचे और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने मृतक दंपति की बेटी गुनगुन व अन्य परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी। मीडिया से बातचीत में डीआईजी ने बताया कि इस जघन्य हत्याकांड के खुलासे के लिए पांच विशेष टीमों का गठन किया गया है। पुलिस अधीक्षक आरती सिंह स्वयं पूरे प्रकरण की निगरानी कर रही हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश किया जाएगा। शवों का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा कराया जा रहा है, जिससे मौत का सटीक समय और कारण स्पष्ट हो सके।
डीआईजी ने संकेत दिए कि वारदात को अंजाम देने वाला कोई करीबी व्यक्ति भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि चोरी सहित हर पहलू पर गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस कॉल डिटेल्स, आसपास के सीसीटीवी फुटेज और मृतकों के सामाजिक दायरे की भी पड़ताल कर रही है। घटना के बाद एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया। देर रात मृतक दंपति की बेटी गुनगुन गुरुग्राम से और पुष्पा की बहन चंदा देवी कानपुर से पहुंचीं। दोनों के बीच संपत्ति को लेकर तीखी बहस हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर संपत्ति हड़पने के आरोप लगा दिए। इस हाई वोल्टेज ड्रामे ने पुलिस की जांच को नया मोड़ दे दिया है। आशंका जताई जा रही है कि हत्या के पीछे संपत्ति का लालच एक बड़ी वजह हो सकती है।
घटना के बाद से पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी और अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस टीमें तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही हैं।