कन्नौज: तिर्वा- इंदरगढ़ मार्ग पर सड़क किनारे अवैध कूड़ा डम्प कराने वाले ईओ तिर्वा को नोटिस

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नगर पंचायत के विरुध्द चालानी कार्रवाई के भी निर्देश

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में जिला गंगा समिति, जिला स्वच्छता समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद को स्वच्छ, हरित एवं पर्यावरणीय दृष्टि से सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा एवं आवश्यक निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि मेहंदी घाट पर बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तत्काल प्रभाव से ठीक कराया जाए, जिससे आमजन को आवागमन में कोई असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि मेहंदी घाट के सौंदर्यीकरण हेतु 8.50 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हो चुका है तथा शीघ्र ही कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।

सड़कों के किनारे कूड़ा, ई-वेस्ट एवं सॉलिड वेस्ट पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर नियमानुसार निस्तारण तथा भविष्य हेतु प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के अंतर्गत तिर्वा कोतवाली–तिर्वा इंदरगढ़ मार्ग पर कूड़ा एकत्र पाए जाने पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को चालान की कार्यवाही तथा संबंधित अधिशासी अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक नगर निकाय क्षेत्र में ‘एक पालिका–एक सरोवर’ योजना के अंतर्गत एक सरोवर चिन्हित कर उसके संरक्षण, पुनर्जीवन एवं विकास की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

प्रभागीय वनाधिकारी ने अवगत कराया कि आगामी वर्षाकाल में वन विभाग का 20 लाख वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित है तथा अन्य विभागों का लक्ष्य भी पूर्व वर्ष के समान रखा गया है। इसके लिए वन विभाग की पौधशालाओं में लगभग 56 लाख पौध तैयार किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि 15 दिनों के भीतर वृक्षारोपण हेतु स्थल चयन पूर्ण कर लिया जाए, पूर्व वर्षों में लगाए गए पौधों की देखभाल सुनिश्चित की जाए, मृत पौधों के स्थान पर नए पौधे लगाए जाएं तथा प्रत्येक स्थल की गणना पंजिका संधारित की जाए। किसान सम्मान निधि से जुड़े किसानों को उनकी इच्छा के अनुसार पौधे उपलब्ध कराए जाएं। गड्ढा खुदान का कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।जिलाधिकारी ने नदियों के किनारे सघन वृक्षारोपण कराने तथा राजस्व विभाग को इशन एवं तिलखोर नदियों की पैमाइश शीघ्र कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने समस्त अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अपने क्षेत्रों में खाली एवं अतिक्रमित भूमि को कब्जा मुक्त कराकर वहां पार्क, सामुदायिक केंद्र जैसे जनोपयोगी कार्य विकसित किए जाएं। साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक के विरुद्ध अभियान चलाते हुए जब्तीकरण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। सभी अधिशासी अधिकारी एवं डीपीआरओ प्रतिदिन प्रातः अपने क्षेत्रों का औचक निरीक्षण करें।

जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि थर्ड पार्टी एजेंसी द्वारा चिन्हित 21 ड्रेन्स का भौतिक परीक्षण कराया गया है। जिन नालों से सीधे गंगा में जल प्रवाहित हो रहा है, वहां जल शोधन हेतु कार्यवाही प्रगति पर है। विकासखण्ड गुगरापुर के ग्राम पंचायत फराहरन, चियासर एवं सद्दूपुर बांगर में फिल्टर चैंबर का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि विकासखण्ड कन्नौज के दाईपुर एवं सकरीखुर्द में कार्य प्रगति पर है।उन्होंने कहा कि गंदे नालों का पानी नदियों में प्रवाहित होना अत्यंत चिंताजनक है। जिन फिल्टर चैंबरों का निर्माण अधूरा है, उन्हें शीघ्र पूर्ण कराया जाए। साथ ही काली नदी सर्वे के दौरान चिन्हित स्थानों—सिकंदरपुर, छिबरामऊ एवं समधन—पर भी इसी प्रकार के प्राकृतिक फिल्टर चैंबर बनाए जाने के निर्देश दिए।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराते हुए प्रगति से नियमित रूप से अवगत कराना सुनिश्चित करें।

बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी हेमंत सेठ, जिला विकास अधिकारी नरेंद्र देव द्विवेदी, उप निदेशक संतोष कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।