कन्नौज: भाजपा के महाआक्रोश कार्यक्रम को सपा के प्रदेश सचिव ने बताया प्रायोजित और दिखावटी

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव एवं प्रवक्ता आकाश शाक्य ने कहा कि छिबरामऊ में भाजपा द्वारा आयोजित तथाकथित “महाआक्रोश कार्यक्रम” पूरी तरह से एक प्रायोजित और दिखावटी राजनीतिक आयोजन था, जिसका उद्देश्य जनता को भ्रमित करना और अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाना है। स्थानीय विधायक अर्चना पाण्डेय एवं भाजपा जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया द्वारा महिला शक्ति वंदन के नाम पर किया गया यह प्रदर्शन न केवल वास्तविकता से कोसों दूर है, बल्कि महिलाओं के सम्मान के नाम पर राजनीतिक स्वार्थ साधने का एक प्रयास भी है।

आकाश शाक्य ने कहा कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार देने के प्रति गंभीर होती, तो नारी शक्ति वंदन बिल को बिना किसी शर्त और कुटिल प्रावधान के सीधे तौर पर लागू किया जाता लेकिन भाजपा सरकार ने इस बिल में परिसीमन (डेलिमिटेशन) की व्यवस्था जोड़कर अपनी राजनीतिक मंशा साफ कर दी है। यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर देश में बिना जनगणना कराए लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों का नया परिसीमन लागू करना चाहती है, जिससे वह अपने राजनीतिक हितों के अनुसार निर्वाचन क्षेत्रों को पुनर्गठित कर सके। यह न केवल लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है, बल्कि संविधान के आदर्शों को भी कमजोर करने का प्रयास है।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और हमारे नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव हमेशा से महिला आरक्षण के प्रबल समर्थक रहे हैं, लेकिन हमारी यह स्पष्ट और दृढ़ मांग रही है कि इस आरक्षण में एससी- एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं के लिए उप-कोटा सुनिश्चित किया जाए। जब तक यह उप-कोटा नहीं होगा, तब तक यह आरक्षण केवल कुछ चुनिंदा, संपन्न और प्रभावशाली परिवारों तक सीमित रह जाएगा और ग्रामीण क्षेत्रों, पिछड़े वर्गों तथा वंचित समाज की महिलाओं तक इसका वास्तविक लाभ नहीं पहुंच पाएगा। समाजवादी पार्टी का मानना है कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ केवल प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व नहीं, बल्कि समान और न्यायसंगत भागीदारी सुनिश्चित करना है।

आकाश शाक्य ने कहा कि छिबरामऊ के इस कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और आशा बहुओं जैसे सरकारी कर्मचारियों को सत्ता का रोब दिखाकर बुलाया गया जो महिलाओं की स्वाभाविक भागीदारी का अभाव साफ तौर पर दिखता है। यह स्थिति स्वयं इस बात का प्रमाण है कि आम महिलाएं भाजपा की इस दिखावटी राजनीति को समझ चुकी हैं और स्वेच्छा से इस प्रकार के आयोजनों में शामिल होने के लिए तैयार नहीं हैं।

उन्होंने भाजपा नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि जब मणिपुर में महिलाओं के साथ अमानवीय घटनाएं हुईं, तब भाजपा की महिला नेताओं की संवेदनशीलता कहां थी? उस समय उनकी आवाज क्यों नहीं उठी? आज महिला सम्मान के नाम पर आक्रोश प्रदर्शन करना केवल राजनीतिक अवसरवाद और दोहरे चरित्र को दर्शाता है।

आकाश शाक्य ने आगे कहा कि हमारे नेता अखिलेश यादव के पुतले जलाना भाजपा की हताशा और निराशा का प्रतीक है। समाजवादियों का इतिहास संघर्ष, त्याग और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर लड़ाई का रहा है। भाजपा नेताओं को यह नहीं भूलना चाहिए कि यदि समाजवादी कार्यकर्ता जवाब देने के लिए खड़े हो गए, हर गांव और हर कस्बे में भाजपा की जनविरोधी नीतियों का विरोध करते हुए भाजपा नेताओं के पुतले फूंकने का किया जायेगा।

आकाश शाक्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी महिलाओं के वास्तविक सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम ऐसी व्यवस्था के पक्षधर हैं, जिसमें समाज के हर वर्ग विशेषकर गरीब, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं को समान अवसर और सम्मानजनक भागीदारी मिले। केवल राजनीतिक लाभ के लिए लाए गए अधूरे और भ्रामक कानूनों से महिलाओं का भला नहीं हो सकता, बल्कि इसके लिए ईमानदार नीयत और समावेशी नीतियों की आवश्यकता है।