कन्नौज : पूर्व सपा नेता नवाब सिंह और नीलू को 8 साल की सजा

गैंगस्टर मामले में कन्नौज कोर्ट का फैसला, नाबालिग से रेप का भी आरोपी है

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। नाबालिग से रेप के आरोपी और पूर्व सपा नेता नवाब सिंह यादव और उसके भाई नीलू को गैंगस्टर मामले में 8-8 साल की सजा हुई है। कन्नौज कोर्ट ने शुक्रवार को इसी मामले में सहआरोपी पूजा तोमर को भी 6 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने नवाब सिंह यादव और नीलू पर 10-10 लाख रुपए और पूजा तोमर पर 5 लाख का जुर्माना लगाया है।

दो साल पहले 15 साल की नाबालिग से रेप के आरोप में नवाब सिंह यादव को गिरफ्तार किया गया था। पीड़ित को पूजा तोमर नवाब सिंह के पास लेकर पहुंची थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे सह-आरोपी बनाया था।

जांच में सामने आया कि नवाब सिंह के भाई नीलू ने साक्ष्य मिटाने और जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने नीलू और नाबालिग की रिश्तेदार को भी गिरफ्तार किया। मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की थी।

मामला 11-12 अगस्त 2024 की रात का है। घटना कन्नौज के चौधरी चंदन सिंह डिग्री कॉलेज की है। यह कॉलेज पूर्व ब्लॉक प्रमुख और सपा नेता नवाब सिंह यादव का है। एक 15 साल की नाबालिग लड़की नौकरी मांगने वहां पहुंची थी। उसके साथ पूजा तोमर भी मौजूद थी। इसी दौरान पूजा टॉयलेट चली गई।

नवाब सिंह ने मौके का फायदा उठाकर नाबालिग के जबरदस्ती कपड़े उतरवाए और दरिंदगी की कोशिश की। पीड़िता ने तुरंत डायल 112 को फोन कर सूचना दी। जब पुलिस कॉलेज पहुंची, तो आरोपी नवाब सिंह बेड पर लेटा था। लड़की के आधे शरीर पर कपड़े नहीं थे। पुलिस ने तुरंत नवाब सिंह यादव को मौके से गिरफ्तार कर लिया। नाबालिग ने ही मामले में एफआईआर दर्ज कराई।

12 अगस्त 2024 को पुलिस ने नवाब को जेल भेज दिया। 13 अगस्त 2024 की शाम को कोर्ट में पीड़िता के बयान दर्ज हुए। पुलिस ने एफआईआर में रेप की धाराओं को बढ़ाया। नवाब सिंह यादव के खिलाफ पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इस पर कोर्ट ने अगली तारीख 16 अगस्त 2024 तय कर दी। 16 अगस्त को पूजा तोमर मीडिया के सामने आई।

उसने कहा कि नवाब सिंह यादव को साजिश के तहत फंसाया गया है। इसके बाद वह फरार हो गई। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए 6 टीमें लगाईं। 21 अगस्त 2024 को पुलिस ने पूजा तोमर को गिरफ्तार कर लिया। पूजा तोमर और नवाब सिंह यादव के भाई नीलू यादव को साक्ष्य छुपाने और आरोपी की मदद करने के आरोप लगे। इसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। 27 सितंबर, 2024 को पुलिस ने तीनों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया।

नवंबर 2024 में उसे जमानत मिल गई। इसके बाद वह फरार हो गई। इसी साल 27 मार्च को पुलिस ने उसे सहारनपुर से गिरफ्तार किया था। उसी दिन पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। इस दौरान वह साध्वी वेश में थी। कोर्ट ने उसे जिला जेल (अनौगी) भेज दिया था।

ब्लॉक प्रमुख रहे है नवाब सिंह और नीलू यादव

नवाब सिंह यादव कन्नौज के पीएसएम पीजी कॉलेज का छात्र संघ अध्यक्ष रह चुका है। अखिलेश के कन्नौज से सांसद बनने के बाद नवाब सिंह ने सपा जॉइन कर ली। नवाब सिंह समाजवादी लोहिया वाहिनी का जिलाध्यक्ष भी

रहा है। वह कन्नौज का ब्लॉक प्रमुख भी रह चुका है।

आरोपी नवाब यादव का परिवार सदर कोतवाली के अड़ंगापुर गांव में रहता है। उसकी एक बेटी और एक बेटा है। बेटी मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। बेटा इंटर में है। उनका एक भाई वीरपाल यादव उर्फ नीलू भी राजनीति में एक्टिव है। वह भी सपा से सदर ब्लॉक का प्रमुख रहा है। नवाब कुल 6 भाई हैं। 3 सरकारी सेवा में हैं। एक भाई रिटायर हो चुका है।