बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी अनुपालन के उद्देश्य से क्षेत्रीय कार्यालय प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कानपुर देहात के तत्वावधान में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रमुख प्रावधानों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया गया कि ठोस अपशिष्ट का स्रोत स्तर पर पृथक्करण अनिवार्य किया गया है। इसके अंतर्गत अपशिष्ट को चार प्रमुख श्रेणियों—गीला कचरा (फल एवं सब्जियों के अवशेष), सूखा कचरा (कागज, प्लास्टिक आदि), सेनेटरी वेस्ट (डायपर, सेनेटरी पैड आदि) तथा स्पेशल केयर वेस्ट (बल्ब, एक्सपायरी दवाएं एवं अन्य विशेष अपशिष्ट) में वर्गीकृत कर पृथक-पृथक संग्रहण एवं वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि बल्क वेस्ट जनरेटर के रूप में उन संस्थानों एवं परिसरों को चिह्नित किया जाएगा जो निर्धारित मानकों में से किसी एक को पूरा करते हों। इनमें 20,000 वर्गमीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले भवन एवं परिसर, प्रतिदिन 40,000 लीटर या उससे अधिक जल उपभोग करने वाले संस्थान, अथवा प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक ठोस अपशिष्ट उत्पन्न करने वाली इकाइयाँ शामिल हैं। इसके अंतर्गत सामुदायिक भवन, विवाह एवं भोज स्थल, शैक्षणिक संस्थान, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, बड़े आवासीय परिसर तथा अन्य बड़े संस्थान सम्मिलित होंगे। ऐसे संस्थानों की पहचान शहरी क्षेत्रों में नगर निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतीराज विभाग द्वारा की जाएगी तथा उन्हें अपने स्तर पर प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था विकसित करनी होगी।
कार्यशाला में यह भी अवगत कराया गया कि ठोस अपशिष्ट के स्रोत से अंतिम निस्तारण स्थल तक सम्पूर्ण प्रक्रिया की डिजिटल मॉनिटरिंग एक केंद्रीकृत पोर्टल के माध्यम से की जाएगी, जिससे अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं प्रभावी बन सके। साथ ही विभिन्न श्रेणियों के अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रसंस्करण, संग्रहण, परिवहन, निस्तारण, केंद्रीकृत पोर्टल की कार्यप्रणाली तथा नियमों के उल्लंघन पर निर्धारित दंडात्मक प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में गठित विशेष सेल के माध्यम से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए तथा नियमित समीक्षा एवं अनुश्रवण करते हुए जनपद को स्वच्छ, हरित एवं पर्यावरणीय दृष्टि से सुरक्षित बनाने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण सतत विकास का आधार है और इसके लिए सभी विभागों, संस्थानों तथा नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
कार्यशाला में अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) देवेन्द्र सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी हेमंत सेठ, समस्त उपजिलाधिकारी, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कानपुर देहात, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, विभिन्न विभागों के अधिकारीगण एवं अन्य संबंधित स्टेकहोल्डर्स उपस्थित रहे।

