कन्नौज: तीन सदस्यीय समिति बताएगी कैसे टेंडर खत्म होने के बाद भी कम कर रहा था बेग

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज। सीएमओ कार्यालय से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए कोल्डचेन मैनेजर इरशाद बेग के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। सीएमओ डॉ. विकास चंद्रा ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की है।

जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि टेंडर अवधि समाप्त होने के बावजूद इरशाद बेग किस आधार पर कार्यालय में कार्य कर रहा था। कार्रवाई के बाद सदर कोतवाली में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर टीम आरोपी को लखनऊ ले गई।

टेंडर व्यवस्था के तहत कार्यरत

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इरशाद बेग टेंडर व्यवस्था के तहत कार्यरत था और उसका अनुबंध 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद वह सीएमओ कार्यालय में कार्य करता रहा। इस मामले ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ डॉ. विकास चंद्रा ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केपी त्रिपाठी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बृजेश शुक्ला और जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. यूपी सिंह को शामिल किया गया है।

जांच टीम को निर्देश दिए गए हैं कि वह पूरे मामले की विस्तृत जांच कर तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे। रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। विभाग यह भी जांच करेगा कि टेंडर समाप्त होने के बाद इरशाद बेग को कार्यालय में कार्य करने की अनुमति किस स्तर से मिली और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।