कन्नौज: मेंहदी घाट के विकास को मिली बड़ी सौगात, 8.48 करोड़ की परियोजना का भूमि पूजन

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)।  मुख्यमंत्री पर्यटन स्थल विकास योजना के अंतर्गत जनपद कन्नौज के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले मेंहदी (महादेवी) घाट के जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन सुविधाओं के विकास हेतु लगभग ₹8 करोड़ 48 लाख की परियोजना का भूमि पूजन कल देर शाम भव्य एवं धार्मिक वातावरण में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग के राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष  वीर सिंह भदौरिया, जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने संयुक्त रूप से विधिवत पूजा-अर्चना कर भूमि पूजन एवं आरती बंदन किया। अतिथियों ने मां गंगा के तट पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ फावड़ा चलाकर निर्माण कार्य का शुभारम्भ किया तथा गंगा आरती में सहभागिता कर प्रदेश एवं जनपद की सुख-समृद्धि की कामना की।

कार्यक्रम के दौरान कपूर एंड टीम द्वारा प्रस्तुत भजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं एवं उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। सायंकाल महादेवी घाट दीपों की रोशनी से आलोकित हो उठा, जिससे सम्पूर्ण घाट का वातावरण अत्यंत मनोहारी एवं आध्यात्मिक बन गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला पर्यटन विभाग के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।

इससे पूर्व आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में राज्य मंत्री असीम अरुण ने पीपल, राज्य मंत्री  कैलाश सिंह राजपूत ने आम, जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने पाकड़, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने सहजन तथा जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया ने आंवला का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास का संदेश दिया।

अपने संबोधन में समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि जनपद कन्नौज के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले मेंहदी (महादेवी) घाट के समग्र विकास हेतु शासन द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पर्यटन स्थल विकास योजना के अंतर्गत घाट के जीर्णोद्धार, कल्चरल स्टेज, पर्यटक सुविधाओं एवं अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए लगभग ₹8.48 करोड़ की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

उन्होंने कहा कि इस घाट का महत्व प्राचीन काल से रहा है। वैज्ञानिक दृष्टि से भी यह क्षेत्र सुरक्षित एवं ऊँचा तटीय क्षेत्र होने के कारण मानव बसावट का प्रमुख केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि मान्यता है कि सम्राट हर्षवर्धन भी इस क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। उन्होंने गंगा संरक्षण के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सीवर के गंदे पानी का शोधन कर ही गंगा में प्रवाहित किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले दो से ढाई वर्षों से गंगा में डॉल्फिन का दिखाई देना स्वच्छ एवं निर्मल जल का प्रमाण है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के इन प्रयासों को और अधिक व्यापक बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि पूर्व में जिसे मेंहदी घाट कहा जाता था, आज वह महादेवी घाट के रूप में नई पहचान बना रहा है। भविष्य में यहां वार्षिक साहित्य महोत्सव, भजन संध्या, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पठन-पाठन एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन की संभावनाओं पर भी गंभीरता से कार्य किया जाएगा, जिससे यह स्थल धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बन सके।

ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग के राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लगभग ₹8.48 करोड़ की लागत से महादेवी घाट का भव्य एवं आकर्षक स्वरूप विकसित होगा। इससे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी तथा कन्नौज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। इस परियोजना से पर्यटन गतिविधियों को गति मिलेगी।

भाजपा जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया ने कहा कि महादेवी घाट का विकास जनपद के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह स्थल श्रद्धा, आस्था एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इसके विकसित होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे।

इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री शैलेंद्र द्विवेदी, प्रभागीय वनाधिकारी हेमंत सेठ, उपजिलाधिकारी सदर नवनीता राय, उपायुक्त एनआरएलएम राजकुमार लोधी, परियोजना निदेशक डीआरडीए रामऔतार सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अनुपम राय, जिला पर्यटन अधिकारी डॉ. एम. मकबूल, नमन कुमार, अनिल द्विवेदी ‘मनीषी’ (संयोजक, नमामि गंगे), विकास कुशवाहा (कोषाध्यक्ष, नमामि गंगे सेवा समिति), गंगा प्रहरीगण सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।