बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में आगामी श्रावण मास, गुरु पूर्णिमा, रक्षाबंधन, स्वतंत्रता दिवस एवं बारावफात के दृष्टिगत जिला शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।
इस दौरान जिलाधिकारी ने अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा एवं मानवता का उत्कृष्ट परिचय देने वाले गोताखोर वीरेंद्र पुत्र करूणा शंकर को ₹11,000 का प्रोत्साहन चेक प्रदान कर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि 12 जुलाई 2026 को प्रातः लगभग 4:00 बजे मेहंदी घाट के समीप मैदा से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर गंगा नदी में गिर गया था। सूचना मिलते ही वीरेंद्र ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना गंगा नदी में छलांग लगाकर साहसिक बचाव अभियान चलाया और दो लोगों को सकुशल बाहर निकालकर उनका जीवन बचाया। जिलाधिकारी ने उनके इस अनुकरणीय कार्य की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे साहसी नागरिक समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इस अवसर पर मेहंदी घाट एवं जलेश्वर घाट पर तैनात गोताखोरों को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए ₹1,100-₹1,100 की प्रोत्साहन धनराशि प्रदान कर सम्मानित किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि कन्नौज सदैव शांति, सामाजिक सौहार्द एवं आपसी भाईचारे के लिए जाना जाता है और सभी पर्व यहां मिल-जुलकर शांतिपूर्ण वातावरण में मनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में कांवड़ यात्रा सहित कई महत्वपूर्ण पर्व आयोजित होने हैं, इसलिए सभी विभाग पूर्ण समन्वय एवं सतर्कता के साथ कार्य करें। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में डीजे संचालकों एवं कांवड़ यात्रा आयोजकों के साथ बैठक कर अनुमति प्रक्रिया, निर्धारित ध्वनि सीमा तथा शासन के दिशा-निर्देशों की जानकारी दें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी आयोजन में आपत्तिजनक अथवा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले गीतों का प्रसारण न हो।
जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया पर सतत एवं प्रभावी निगरानी रखने, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की पहचान करने तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निकायों एवं जिला पंचायत राज अधिकारी को कांवड़ यात्रा मार्गों, प्रमुख मंदिरों तथा धार्मिक स्थलों पर व्यापक साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। विशेष रूप से मेहंदी घाट पर विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने तथा पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने श्रावण मास के दृष्टिगत प्रमुख मंदिरों एवं मेला स्थलों पर आवश्यकता अनुसार एम्बुलेंस, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए। खाद्य सुरक्षा विभाग को केवल वैध लाइसेंसधारी दुकानदारों को खाद्य सामग्री विक्रय की अनुमति देने तथा खाद्य पदार्थों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग को झूलते विद्युत तारों को तत्काल ठीक कराने, ट्रांसफार्मरों के आसपास साफ-सफाई कराने तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित धार्मिक आयोजनों के दौरान लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी एवं अन्य संबंधित कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा समय से सूचना उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। साथ ही नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा गोवंश एवं बंदरों की समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई करने पर विशेष बल दिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने कहा कि आषाढ़ी पूर्णिमा एवं श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। ऐसे में पार्किंग, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था एवं भीड़ नियंत्रण की प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर उसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गोताखोरों को सतर्क अवस्था में तैनात रखने, संवेदनशील स्थलों पर नियमित पेट्रोलिंग कराने तथा जिन थाना क्षेत्रों में एक साथ विभिन्न पर्व आयोजित हो रहे हैं वहां अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अराजक एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा जनसुरक्षा से जुड़े प्रत्येक आवश्यक उपाय समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किए जाएंगे।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) देवेन्द्र सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार, उप जिलाधिकारी तिर्वा सुश्री वैशाली सहित जनप्रतिनिधियों, विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं, शांति समिति के सदस्यों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों ने सहभागिता की।

