कन्नौज: सावन के पहले सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब

जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)। श्रावण मास के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर जनपद के प्रमुख शिवालयों बाबा गौरीशंकर मंदिर (कन्नौज), दौलेश्वर धाम (तिर्वा), मेहंदी घाट सहित अन्य शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक एवं विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर पूरे दिन हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।

जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री के निर्देशन में सभी प्रमुख मंदिरों एवं श्रद्धास्थलों पर व्यापक साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पार्किंग, शौचालय तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई। श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा के दृष्टिगत पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की सतत निगरानी में समुचित सुरक्षा व्यवस्था लागू रही, जिससे दर्शन-पूजन शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुआ।

जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री एवं पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने मेहंदी घाट का स्थलीय निरीक्षण कर कांवड़ मार्ग, सुरक्षा प्रबंध एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए तथा सभी व्यवस्थाओं पर निरंतर निगरानी रखी जाए।

उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है, अतः कोई भी व्यक्ति सुरक्षा की दृष्टि से लगाई गई बैरिकेडिंग को पार न करे। उन्होंने निर्देश दिए कि घाटों एवं मंदिर परिसरों में सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली (माइक) के माध्यम से लगातार आवश्यक सूचनाएं प्रसारित की जाती रहें। साथ ही गोताखोरों एवं जल पुलिस को पूर्ण सतर्कता के साथ तैनात रहने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने साफ-सफाई की नियमित व्यवस्था, सुचारु पार्किंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं को हर समय क्रियाशील बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण जिम्मेदारी, संवेदनशीलता एवं मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने  मंदिरों एवं घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती एवं भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था तथा कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कहा कि संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखते हुए ड्यूटी पर तैनात सभी अधिकारी एवं कर्मचारी निरंतर भ्रमणशील रहें, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सहज एवं शांतिपूर्ण वातावरण में दर्शन-पूजन की सुविधा उपलब्ध हो सके।